अमरावती/अनंतपुर। आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में दसवीं कक्षा के एक छात्र पर हुए हमले का मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने पीड़ित छात्र से बातचीत की है। मुख्यमंत्री ने छात्र का हालचाल जाना और उसे भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उसके साथ खड़ी है। उन्होंने छात्र को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया। इस घटना के बाद छात्र की सुरक्षा और उसके भविष्य को लेकर चिंता जताई जा रही है।मुख्यमंत्री की ओर से पीड़ित छात्र से बातचीत किए जाने को राज्य सरकार की संवेदनशील प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है। छात्र पर हमले की घटना के बाद उसके परिवार के सामने सुरक्षा और पढ़ाई से जुड़ी चिंताएं पैदा होना स्वाभाविक है। ऐसे में मुख्यमंत्री का आश्वासन परिवार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने छात्र से जाना हालचाल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अनंतपुर में हमले का शिकार हुए दसवीं कक्षा के छात्र से सीधे बातचीत की। इस दौरान उन्होंने छात्र की स्थिति के बारे में जानकारी ली और उसे भरोसा दिलाया कि सरकार उसकी सहायता के लिए तैयार है।मुख्यमंत्री ने छात्र को आश्वस्त किया कि कठिन परिस्थितियों में उसे अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। राज्य सरकार की ओर से दिए गए इस भरोसे का उद्देश्य छात्र का मनोबल बढ़ाना और उसे सामान्य जीवन की ओर लौटने में मदद करना है।हालांकि, मुख्यमंत्री और छात्र के बीच हुई बातचीत का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि बातचीत फोन पर हुई या किसी अन्य माध्यम से।
स्कूल की कक्षा में इलेक्ट्रिक आरी से हुआ हमला
पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यह घटना अनंतपुर जिले के राप्टाडु स्थित जिला परिषद हाई स्कूल में हुई। दसवीं कक्षा की लगभग 15 वर्षीय छात्रा पर एक युवक ने इलेक्ट्रिक आरी से हमला कर दिया। हमले के दौरान छात्रा के चेहरे, गर्दन और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं।हमलावर के अचानक कक्षा में प्रवेश करने और छात्रा को निशाना बनाने से स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान एक अन्य छात्रा ने पीड़िता को बचाने की कोशिश की, लेकिन वह भी घायल हो गई। शिक्षकों और स्कूल कर्मचारियों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी और घायल छात्राओं को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।
दोनों घायल छात्राओं का अस्पताल में इलाज
घटना के बाद गंभीर रूप से घायल छात्रा को अनंतपुर के अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने उसकी चोटों को देखते हुए तत्काल उपचार शुरू किया। रिपोर्टों के अनुसार, छात्रा की स्थिति गंभीर बनी हुई थी और उसे विशेष चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता थी।मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिया कि छात्रा के इलाज में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि घायल छात्रा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।मुख्यमंत्री ने हमले में घायल दूसरी छात्रा के स्वास्थ्य की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि दोनों छात्राओं के उपचार पर विशेष ध्यान दिया जाए।
पीड़िता की मां से फोन पर की बातचीत
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने पीड़ित छात्रा की मां से फोन पर बातचीत कर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री ने परिवार से हिम्मत बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि छात्रा की जान बचाने और उसे बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं।नायडू ने स्थानीय विधायक परिताला सुनीता से भी बातचीत की और अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को छात्रा के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि स्कूल जैसी सुरक्षित जगह पर छात्राओं को निशाना बनाने की घटना बेहद गंभीर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की हिंसा को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
आरोपी गिरफ्तार, पुलिस कर रही जांच
घटना के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आरोपी की पहचान हेमंत उर्फ डुम्मू के रूप में हुई। पुलिस ने उसे धर्मावरम रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया।प्रारंभिक जांच में आरोपी के पीड़ित छात्रा का दूर का रिश्तेदार होने की बात सामने आई है। हालांकि, हमले के पीछे वास्तविक कारणों और पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है।पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी हथियार लेकर स्कूल परिसर और कक्षा तक कैसे पहुंच गया। इस घटना ने स्कूलों में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
शिक्षा मंत्री नारा लोकेश ने जताई नाराजगी
आंध्र प्रदेश के शिक्षा मंत्री नारा लोकेश ने भी घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा प्राप्त करने और सुरक्षित वातावरण में आगे बढ़ने का स्थान है। ऐसे परिसर में छात्रा पर हमला होना अत्यंत चिंताजनक है।नारा लोकेश ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पुलिस को आरोपी के खिलाफ तत्काल और सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा को सरकार की प्राथमिकता बताया।राज्य की गृह मंत्री वंगलापुडी अनिता ने भी घटना पर चिंता जताते हुए पुलिस अधिकारियों से मामले की जानकारी ली और आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
अनंतपुर की इस घटना ने शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर नई बहस शुरू कर दी है। एक बाहरी व्यक्ति का खतरनाक उपकरण लेकर कक्षा तक पहुंच जाना स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जरूरत को दर्शाता है।स्कूलों में प्रवेश करने वाले बाहरी व्यक्तियों की पहचान, आगंतुकों का रिकॉर्ड, निगरानी व्यवस्था और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारी जैसे विषय इस घटना के बाद महत्वपूर्ण हो गए हैं।फिलहाल पुलिस आरोपी से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है, जबकि राज्य सरकार घायल छात्राओं को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने पीड़ित परिवार को सहायता और मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिया है।