रायलसीमा में बारिश से मिली राहत, लेकिन सूखी फसलों को नहीं बचा पाएगी देर से हुई बरसात
अनंतपुर। आंध्र प्रदेश के रायलसीमा क्षेत्र में पिछले दो दिनों से हुई मध्यम से भारी बारिश ने लंबे समय से सूखे की मार झेल रहे लोगों को कुछ राहत दी है। बारिश से जहां तापमान में कमी आई है और जलस्रोतों में सुधार की उम्मीद जगी है, वहीं किसानों का कहना है कि यह बरसात काफी देर से हुई है और अब पहले से सूख चुकी फसलों को बचाना मुश्किल है।
अनंतपुर जिले में हाल के दिनों में हुई बारिश के आंकड़ों के अनुसार, जिले में औसत 43.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं, याडिकी मंडल में सबसे अधिक बारिश हुई, जहां 97.6 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।
बारिश के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को राहत मिली है। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों और आम लोगों को उम्मीद है कि इससे जमीन में नमी बढ़ेगी और आने वाले दिनों में खेती के लिए कुछ मदद मिल सकती है।
हालांकि, किसानों की चिंता अभी भी बनी हुई है। उनका कहना है कि मानसून में देरी और लंबे सूखे के कारण कई फसलें पहले ही खराब हो चुकी हैं। अब हुई बारिश से खेतों में पानी तो पहुंचा है, लेकिन जिन फसलों को समय पर बारिश की जरूरत थी, उन्हें नुकसान से बचाना संभव नहीं है।
किसानों के अनुसार, कई इलाकों में फसलें सूखने लगी थीं। बारिश की कमी के कारण बुआई और खेती की गतिविधियां प्रभावित हुईं। अब बारिश होने के बावजूद उत्पादन पर इसका सकारात्मक असर सीमित रह सकता है।
जिले में बारिश के वितरण को देखें तो कई मंडलों में अच्छी बारिश हुई, जबकि कुछ क्षेत्र अब भी सूखे की स्थिति से जूझ रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, जिले के सात मंडलों में भारी बारिश दर्ज की गई, जबकि 18 मंडलों में मध्यम बारिश हुई।
इसके अलावा तीन मंडलों में हल्की बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं, चार मंडल ऐसे रहे जहां बिल्कुल भी बारिश नहीं हुई। डी. हिरेहल, रायदुर्ग, गुम्मागट्टा और ब्रह्मसमुद्रम मंडलों में बारिश नहीं होने से लोगों की परेशानी बनी हुई है।
रायलसीमा क्षेत्र को अक्सर कम बारिश और सूखे की समस्या का सामना करना पड़ता है। यहां कृषि का बड़ा हिस्सा बारिश पर निर्भर रहता है। ऐसे में समय पर बारिश नहीं होने का सीधा असर किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि फसलों के लिए बारिश का सही समय पर होना बेहद जरूरी होता है। यदि बारिश बुआई और फसल विकास के महत्वपूर्ण चरणों के बाद होती है, तो उसका लाभ सीमित हो जाता है।
बारिश के बाद प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अधिकारी क्षेत्रों में वर्षा की स्थिति और फसलों पर इसके प्रभाव का आकलन कर रहे हैं।
ग्रामीणों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में यदि लगातार बारिश होती है तो जलस्तर और कृषि गतिविधियों में कुछ सुधार हो सकता है। लेकिन फिलहाल किसानों की सबसे बड़ी चिंता पहले हो चुके नुकसान को लेकर है।
स्थानीय किसानों का कहना है कि सरकार को सूखे से प्रभावित क्षेत्रों में सहायता उपलब्ध करानी चाहिए। उन्होंने फसल नुकसान का आकलन कर राहत और मुआवजे की मांग भी उठाई है।
बारिश से कुछ इलाकों में राहत जरूर पहुंची है, लेकिन रायलसीमा के कई हिस्सों में सूखे का असर अभी भी दिखाई दे रहा है। किसानों के लिए अब आगे की बारिश और सरकारी सहायता दोनों महत्वपूर्ण हो गए हैं।
फिलहाल अनंतपुर समेत रायलसीमा के अन्य जिलों में मौसम पर नजर रखी जा रही है। लोगों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश से क्षेत्र की स्थिति में और सुधार आएगा।