अमरावती। आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (YSRCP) ने पुंगनूर में अपने सांसद पीवी मिधुन रेड्डी पर हुए कथित हमले की कड़ी निंदा की है। पार्टी ने इस घटना को सांसद की जान लेने का प्रयास और लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया पर सीधा हमला बताया है। वाईएसआरसीपी नेताओं ने आरोप लगाया कि स्थानीय निकाय चुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के बाद से ही पार्टी उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है।वाईएसआरसीपी के राज्य महासचिव एवं विधान परिषद सदस्य लैला अप्पी रेड्डी और पार्टी की कानूनी सेल के प्रदेश अध्यक्ष मनोहर रेड्डी ने इस मामले को लेकर गंभीर चिंता जताई है। दोनों नेताओं ने पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान राजनीतिक हिंसा और धमकियों की घटनाएं लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक हैं।
पुंगनूर में सांसद पर कथित हमले की निंदा
वाईएसआरसीपी नेताओं ने आरोप लगाया कि पुंगनूर में सांसद पीवी मिधुन रेड्डी को निशाना बनाया गया। उन्होंने इस घटना को केवल एक जनप्रतिनिधि पर हमला नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास बताया।लैला अप्पी रेड्डी और मनोहर रेड्डी ने कहा कि चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों और उनके उम्मीदवारों को स्वतंत्र रूप से अपनी गतिविधियां संचालित करने का अवसर मिलना चाहिए। किसी भी तरह की हिंसा या दबाव लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।हालांकि, कथित हमले की परिस्थितियों और पार्टी द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
चुनाव नोडल अधिकारी से मिले पार्टी नेता
वाईएसआरसीपी पार्टी कार्यालय के अनुसार, घटनाओं को लेकर पार्टी नेताओं ने चुनाव नोडल अधिकारी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पुंगनूर और रायचोटी में हुई कथित घटनाओं की शिकायत दर्ज कराई।पार्टी प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि स्थानीय निकाय चुनावों की नामांकन प्रक्रिया में बाधा डालने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने चुनावी गतिविधियों में हस्तक्षेप और उम्मीदवारों को परेशान किए जाने का मुद्दा भी उठाया।वाईएसआरसीपी नेताओं ने कहा कि चुनाव निष्पक्ष और स्वतंत्र वातावरण में संपन्न होना चाहिए, ताकि सभी राजनीतिक दलों के उम्मीदवार बिना किसी दबाव के चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा ले सकें।
नामांकन के पहले दिन से धमकियों का आरोप
वाईएसआरसीपी नेताओं ने दावा किया कि स्थानीय निकाय चुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही पार्टी के उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ हमले, धमकियां और कानूनी मामले दर्ज किए जाने जैसी घटनाएं सामने आने लगीं।पार्टी ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के कार्यकर्ताओं ने पुंगनूर में मिधुन रेड्डी के काफिले को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान वाहनों पर पथराव और तोड़फोड़ की भी घटनाएं सामने आईं। हालांकि, इलाके में टीडीपी और वाईएसआरसीपी समर्थकों के बीच झड़प की जानकारी भी सामने आई है।
चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग
वाईएसआरसीपी ने राज्य चुनाव आयोग से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में बाधा डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और उम्मीदवारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।पार्टी ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने, उनकी गिरफ्तारी और निष्क्रिय रहने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई है। इसके अलावा प्रभावित उम्मीदवारों को सुरक्षित तरीके से नामांकन दाखिल करने का अवसर देने की अपील की गई है।
कानूनी और संवैधानिक लड़ाई जारी रखने का ऐलान
पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया कि वाईएसआरसीपी स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए अपनी कानूनी और संवैधानिक लड़ाई जारी रखेगी।लैला अप्पी रेड्डी और मनोहर रेड्डी ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक राजनीतिक दल को चुनाव लड़ने और अपने उम्मीदवार उतारने का अधिकार है। इस प्रक्रिया में किसी तरह की बाधा लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित करती है।पुंगनूर और रायचोटी की घटनाओं के बाद आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। अब चुनाव अधिकारियों की प्रतिक्रिया और शिकायतों पर होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी।
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