विशाखापत्तनम: आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ हाल में हुई व्यक्तिगत टिप्पणियों पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक आलोचना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन किसी व्यक्ति पर निजी हमले करना उचित नहीं है।
पवन कल्याण ने शुक्रवार को भोगपुरम में ‘अल्लूरी सीताराम राजू इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ के उद्घाटन के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने माता-पिता से अपील की कि वे बच्चों में अच्छे संस्कार, अनुशासन और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करें।
पीएम मोदी पर टिप्पणियों से दुखी हुए पवन कल्याण
जनसभा को संबोधित करते हुए पवन कल्याण ने हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए एक विरोध प्रदर्शन का जिक्र किया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित व्यक्तिगत टिप्पणियां की गई थीं।
उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा से उन्हें काफी दुख पहुंचा। पवन कल्याण ने कहा कि किसी भी राजनीतिक मतभेद के बावजूद देश के प्रधानमंत्री के पद का सम्मान बनाए रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीसरी बार देश का नेतृत्व कर रहे हैं और उन्होंने अपना जीवन राष्ट्र सेवा को समर्पित किया है। ऐसे व्यक्ति के खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणी करना उन्हें पीड़ा पहुंचाता है।
आलोचना को बताया राजनीति का हिस्सा
पवन कल्याण ने कहा कि राजनीति में आने के बाद उन्होंने आलोचनाओं का सामना करना सीखा है। उन्होंने कहा कि जो लोग ज्यादा मेहनत करते हैं और बड़े लक्ष्य हासिल करते हैं, उन्हें अक्सर अधिक आलोचना का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “पत्थर उसी पेड़ पर फेंके जाते हैं जिस पर फल लगे हों।” उनका कहना था कि उपलब्धियां हासिल करने वाले लोगों पर सवाल उठना सामान्य है, लेकिन आलोचना और व्यक्तिगत हमले के बीच अंतर होना चाहिए।
युवाओं में देशभक्ति और अनुशासन की जरूरत
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे देश के नेताओं और संस्थाओं के प्रति सम्मान की भावना रखें।
उन्होंने माता-पिता से कहा कि बच्चों को केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि अच्छे संस्कार भी दिए जाने चाहिए। उनके अनुसार, नई पीढ़ी को देश के लिए किए गए संघर्ष और जिम्मेदारियों को समझना जरूरी है।
पवन कल्याण ने कहा कि युवाओं को यह जानना चाहिए कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों को किस तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
पीएम मोदी के कार्यकाल का किया जिक्र
पवन कल्याण ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और उनके कामकाज का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद से उन्होंने लगातार देश की सेवा की है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को आंतरिक और बाहरी सुरक्षा जैसी कई चुनौतियों के बीच देश का नेतृत्व करना पड़ता है। उन्होंने दावा किया कि नरेंद्र मोदी ने लंबे समय तक बिना छुट्टी लिए अपनी जिम्मेदारियों को निभाया है।
उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को नेताओं के सामने आने वाली कठिनाइयों और जिम्मेदारियों को समझना चाहिए।
राजनीतिक बहस में मर्यादा की अपील
पवन कल्याण ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और विरोध का अधिकार सभी को है। सरकार की नीतियों या नेताओं के फैसलों की आलोचना की जा सकती है, लेकिन भाषा में मर्यादा बनाए रखना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए जरूरी है कि राजनीतिक बहस मुद्दों पर केंद्रित रहे और व्यक्तिगत टिप्पणियों से बचा जाए।
एयरपोर्ट उद्घाटन के बाद जनसभा में दिया संदेश
पवन कल्याण ने यह बयान भोगपुरम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दिया, जहां अल्लूरी सीताराम राजू इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद जनसभा आयोजित की गई थी।
अपने संबोधन में उन्होंने विकास, नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारियों से जुड़े मुद्दों पर भी बात की। हालांकि, उनका सबसे ज्यादा ध्यान प्रधानमंत्री के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर रहा।
उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च पदों पर बैठे लोगों के प्रति सम्मान बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
पवन कल्याण के बयान पर चर्चा
पवन कल्याण के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है। उन्होंने जहां प्रधानमंत्री के समर्थन में अपनी बात रखी, वहीं युवाओं और समाज से राजनीतिक संवाद में संयम और सम्मान बनाए रखने की अपील भी की।
उनका कहना था कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए विचारों का विरोध किया जा सकता है, लेकिन व्यक्तिगत अपमान से बचना चाहिए।