आंध्र प्रदेश। आंध्र प्रदेश के एलुरु जिले में एक युवक की बेरहमी से हत्या करने के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। भीमडोलू थाना क्षेत्र में 37 वर्षीय युवक थुमुला लक्ष्मण की हत्या की साजिश रचने के आरोप में पति-पत्नी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने युवक को पहले सुनसान स्थान पर बुलाया और फिर लोहे की रॉड से पीट-पीटकर उसकी हत्या करवा दी। वारदात के बाद शव को नहर में फेंक दिया गया, ताकि सबूत मिटाए जा सकें। मामले की जांच के दौरान पुलिस को प्रेम संबंधों, पारिवारिक विवाद और सुपारी देकर हत्या करवाने की कथित साजिश की जानकारी मिली है।
भीमडोलू सर्कल इंस्पेक्टर पी. कृष्णा ने गुरुवार, 15 अक्टूबर को ममिडी गौरी शंकर और उसकी पत्नी ममिडी लक्ष्मी दुर्गा को गिरफ्तार किया। पुलिस का आरोप है कि दोनों ने अन्य लोगों के साथ मिलकर युवक की हत्या की योजना तैयार की थी। इस मामले में पहले भी कई आरोपियों को पकड़ा जा चुका है।
प्रेम संबंधों को लेकर शुरू हुआ था विवाद
पुलिस जांच के अनुसार, मृतक थुमुला लक्ष्मण विजयनगरम जिले के रामभद्रपुरम गांव का रहने वाला था। उसकी उम्र करीब 37 वर्ष थी। आरोप है कि लक्ष्मण का ममिडी लक्ष्मी दुर्गा के साथ विवाहेतर संबंध था।लक्ष्मी दुर्गा भी उसी गांव की रहने वाली थी। जब उसके पति ममिडी गौरी शंकर को इस संबंध की जानकारी हुई, तो पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया।
बताया जा रहा है कि संबंधों को लेकर दोनों के बीच लगातार मतभेद बढ़ने लगे थे। विवाद के बाद लक्ष्मी दुर्गा अपने मायके चली गई थी।पुलिस के मुताबिक, इसी विवाद के बीच लक्ष्मण की हत्या की कथित साजिश तैयार की गई। जांच में सामने आया कि गौरी शंकर ने अपनी पत्नी और साले के साथ मिलकर युवक को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी।पति-पत्नी और साले ने मिलकर रची साजिशपुलिस के अनुसार, ममिडी गौरी शंकर ने अपनी पत्नी लक्ष्मी दुर्गा और उसके भाई वारी नरसिम्हा के साथ मिलकर लक्ष्मण की हत्या की योजना बनाई थी।
आरोप है कि तीनों ने इस वारदात को अंजाम देने के लिए अन्य लोगों की मदद लेने का फैसला किया। इसके लिए कथित तौर पर सुपारी देकर हत्या करवाने की योजना तैयार की गई।जांच के दौरान पुलिस को आर्थिक लेनदेन से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग भी मिले हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले में आरोपियों के बीच हुए संपर्क और धन के हस्तांतरण की जांच की जा रही है।पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हत्या की योजना में किस व्यक्ति की क्या भूमिका थी और किसे कितनी रकम दी गई।
1.79 लाख रुपये के बैंक लेनदेन का खुलासा
जांच में सामने आया है कि गौरी शंकर ने अपने साले नरसिम्हा के निर्देश पर विभिन्न बैंक खातों में कुल 1 लाख 79 हजार रुपये ट्रांसफर किए थे।पुलिस को संदेह है कि इन लेनदेन का संबंध हत्या की कथित साजिश से हो सकता है। इसी आधार पर बैंक खातों और रकम प्राप्त करने वाले व्यक्तियों की जांच की जा रही है।पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने हत्या करवाने के लिए दूसरे लोगों को शामिल किया था। इनकी भूमिका और पैसों के इस्तेमाल की जानकारी जुटाई जा रही है।हालांकि, जांच पूरी होने के बाद ही सभी लेनदेन का वास्तविक उद्देश्य स्पष्ट हो सकेगा।
19 सितंबर की रात फोन करके बुलाया था युवक को
पुलिस जांच में सामने आया है कि कथित साजिश के तहत 19 सितंबर की रात लक्ष्मण को फोन कर भीमडोलू मंडल के पोलासनिपल्ली गांव बुलाया गया था।पुलिस के अनुसार, युवक को वहां से दलम्मा-दलप्पा तालाब के पास ले जाया गया। आरोप है कि वहां उसे शराब पिलाई गई और इसके बाद लोहे की रॉड से हमला किया गया।हमले में लक्ष्मण की मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि वारदात को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया था।हत्या के बाद आरोपियों ने शव को घटनास्थल से हटाने की योजना बनाई, ताकि घटना के बारे में किसी को जानकारी न मिल सके।
बाइक पर शव ले जाकर नहर में फेंका
पुलिस के अनुसार, हत्या करने के बाद आरोपियों ने लक्ष्मण के शव को मोटरसाइकिल पर रखकर दूसरे स्थान पर पहुंचाया।इसके बाद शव को पंगिडीगुडेम पुल के पास पोलावरम नहर में फेंक दिया गया।पुलिस का आरोप है कि शव को नहर में फेंकने का उद्देश्य हत्या के सबूतों को नष्ट करना और मृतक की पहचान छिपाना था।वारदात के दो दिन बाद 21 सितंबर को पेदावेगी क्षेत्र के पास नहर में एक शव बरामद हुआ।शुरुआत में शव की पहचान नहीं हो पाई थी। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात शव मिलने के मामले में जांच शुरू की।
शव की पहचान से खुलती गई हत्या की परतें
पेदावेगी पुलिस ने शव बरामद होने के बाद उसकी पहचान स्थापित करने के प्रयास शुरू किए।जांच के दौरान मृतक की पहचान थुमुला लक्ष्मण के रूप में हुई। पहचान होने के बाद पुलिस ने उसके संपर्कों और घटना से जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी जुटाई।
जांच में पता चला कि हत्या की घटना भीमडोलू थाना क्षेत्र में हुई थी। इसके बाद मामला भीमडोलू पुलिस को स्थानांतरित कर दिया गया।मामले की जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को कथित प्रेम संबंध, पारिवारिक विवाद और हत्या की साजिश से जुड़े सुराग मिले।8 अक्टूबर को साला गिरफ्तार, अन्य आरोपी भी पकड़े गएपुलिस ने इस मामले में पहले लक्ष्मी दुर्गा के भाई वारी नरसिम्हा को 8 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था।
इसके बाद हत्या में कथित रूप से मदद करने वाले द्वारापुरेड्डी गणेश और डोड्डानी सुरेश कुमार को भी गिरफ्तार किया गया।वारदात में कथित रूप से शामिल एक नाबालिग को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है।इन गिरफ्तारियों के बाद पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ताओं की भूमिका की जांच आगे बढ़ाई।गुरुवार को गौरी शंकर और उसकी पत्नी लक्ष्मी दुर्गा की गिरफ्तारी के साथ मामले में पुलिस को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
पति-पत्नी की गिरफ्तारी से जांच में मिली अहम सफलता
भीमडोलू सर्कल इंस्पेक्टर पी. कृष्णा के अनुसार, हत्या के मामले में जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं।पुलिस आरोपियों की भूमिका, कथित सुपारी की रकम और वारदात के दौरान मौजूद लोगों से जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि पति-पत्नी की गिरफ्तारी से हत्या की साजिश से जुड़े घटनाक्रम को समझने में मदद मिली है।फिलहाल मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच जारी है। पुलिस के आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।इस हत्याकांड ने रिश्तों में विवाद के बीच कथित रूप से रची गई आपराधिक साजिश का गंभीर मामला सामने लाया है। पुलिस अब घटनाक्रम से जुड़े सभी साक्ष्यों को एकत्र करने और आरोपियों की भूमिका स्पष्ट करने में जुटी हुई है।