Amaravati अमरावती: अडानी पोर्ट्स एंड SEZ लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर करण अडानी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू से मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को श्रीकाकुलम जिले में अडानी ग्रुप द्वारा 16,000 करोड़ रुपये के निवेश से लगाए जाने वाले प्रस्तावित टाइटेनियम प्लांट के बारे में जानकारी दी।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, बुधवार को राज्य सचिवालय में हुई बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बीच सैंड माइनिंग (समुद्र तट की रेत से खनिज निकालना), इन खनिजों से बनने वाले उत्पादों, अलग-अलग सेक्टर में इनके इस्तेमाल और बाजार की मांग के बारे में जानकारी दी।
अडानी ग्रुप के प्रतिनिधियों ने बताया कि बीच सैंड में मिलने वाले इल्मेनाइट में वैल्यू-एडिशन करके टाइटेनियम स्लैग, टाइटेनियम डाइऑक्साइड (TiO₂) और टाइटेनियम स्पंज बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि TiO₂ का इस्तेमाल पेंट, कोटिंग, कॉस्मेटिक्स, प्लास्टिक और पॉलिमर, UV-प्रोटेक्शन उत्पादों और कई अन्य उद्योगों में होता है।
अडानी ग्रुप के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि विशाखापत्तनम में स्किल डेवलपमेंट फैसिलिटी, अडानी यूनिवर्सिटी, एक इंटरनेशनल स्कूल, 'अडानी आरोग्य मंदिर' नाम से 1,000 बेड वाला अस्पताल और 150 सीटों वाला मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने विशाखापत्तनम में प्रस्तावित अडानी डेटा सेंटर और IT पार्क के मास्टर प्लान की जानकारी भी दी।
मुख्यमंत्री ने आंध्र प्रदेश में मिलने वाले बीच सैंड खनिजों में वैल्यू-एडिशन करने पर जोर दिया। उन्होंने रेयर अर्थ मिनरल्स के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता कम करने के लिए राज्य के भीतर ही वैल्यू-एडेड उत्पादों के निर्माण को प्राथमिकता देने और इस सेक्टर में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी अपनाने की बात कही।
मुख्यमंत्री नायडू ने राज्य के खनिज संसाधनों से अधिकतम आर्थिक लाभ पाने के लिए राज्य के भीतर ही वैल्यू-एडेड उत्पादों के निर्माण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बीच सैंड खनिजों को केवल कच्चे खनिज के तौर पर निकालने वाले संसाधन के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि एक ऐसी इंटीग्रेटेड वैल्यू चेन विकसित करने के आधार के रूप में देखा जाना चाहिए जिससे राज्य और देश दोनों को अधिकतम लाभ मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आंध्र प्रदेश को रेयर अर्थ मिनरल्स के मामले में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि रेयर अर्थ मिनरल्स की माइनिंग और डेवलपमेंट से राष्ट्र-निर्माण में योगदान मिलना चाहिए और साथ ही राज्य की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होनी चाहिए।
नायडू ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे राज्य में उपलब्ध संसाधनों, उनके डेवलपमेंट के लिए जरूरी टेक्नोलॉजी और रेयर अर्थ मिनरल्स सेक्टर में उपयुक्त टेक्नोलॉजी पार्टनर की पहचान करने पर ध्यान दें। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि पूरी प्रक्रिया को इस तरह से तैयार किया जाना चाहिए जिससे आंध्र प्रदेश और देश, दोनों के हितों को पूरा किया जा सके।
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