Andhra Pradesh आंध्र प्रदेश: विजयवाड़ा में आंध्र प्रदेश का कम्युनिटी-मैनेज्ड नेचुरल फार्मिंग (APCNF) प्रोग्राम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल करता नजर आ रहा है। इस पहल को 2026 के प्रतिष्ठित फूड प्लैनेट प्राइज़ के लिए चार वैश्विक फाइनलिस्ट में शामिल किया गया है। यह उपलब्धि न केवल राज्य के लिए बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
यह पुरस्कार स्वीडन स्थित कर्ट बर्गफोर्स फाउंडेशन द्वारा दिया जाता है और इसे वैश्विक खाद्य प्रणाली में सुधार और बदलाव के लिए दुनिया के सबसे बड़े पर्यावरणीय पुरस्कारों में गिना जाता है। इस अवॉर्ड का उद्देश्य ऐसे नवाचारों को पहचान देना है जो टिकाऊ और सुरक्षित खाद्य प्रणाली को बढ़ावा देते हैं।
खास बात यह है कि 2020 में इस अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार की शुरुआत के बाद पहली बार किसी भारतीय पहल को फाइनलिस्ट के रूप में चुना गया है। इससे APCNF प्रोग्राम को वैश्विक मंच पर एक नई पहचान मिली है।
APCNF प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना और रासायनिक उर्वरकों व कीटनाशकों के उपयोग को कम करना है। इस पहल के तहत किसानों को पारंपरिक और पर्यावरण अनुकूल खेती के तरीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
राज्य सरकार के अनुसार, इस प्रोग्राम से न केवल किसानों की लागत कम होती है, बल्कि मिट्टी की गुणवत्ता और पर्यावरण संरक्षण में भी सुधार होता है। इसके साथ ही किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें स्थायी कृषि की ओर ले जाने का प्रयास किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्राकृतिक खेती के इस मॉडल ने वैश्विक स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है, क्योंकि यह जलवायु परिवर्तन और खाद्य सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों से निपटने में मदद कर सकता है। इसी कारण इसे इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चुना गया है।
फूड प्लैनेट प्राइज़ का फाइनल चरण वैश्विक स्तर पर काफी प्रतिस्पर्धी माना जाता है, जहां विभिन्न देशों के नवाचार और परियोजनाएं शामिल होती हैं। ऐसे में APCNF का फाइनलिस्ट बनना एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
राज्य सरकार ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा है कि यह किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है। इससे प्राकृतिक खेती को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
इस पहल के तहत हजारों किसानों को प्रशिक्षण दिया गया है और उन्हें नई तकनीकों के साथ जोड़ा गया है। इसके परिणामस्वरूप कई क्षेत्रों में उत्पादन में सुधार और लागत में कमी देखने को मिली है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस तरह की पहचान मिलने से भविष्य में निवेश और सहयोग के नए अवसर भी खुल सकते हैं। इससे कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और अन्य राज्यों को भी ऐसे मॉडल अपनाने की प्रेरणा मिल सकती है।
कुल मिलाकर, APCNF प्रोग्राम का फूड प्लैनेट प्राइज़ के फाइनल में पहुंचना भारत के कृषि क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह दिखाता है कि देश में टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल खेती के प्रयास वैश्विक स्तर पर सराहे जा रहे हैं।