अमरावती। आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले में शनिवार सुबह दर्दनाक हादसा हो गया। अनंतगिरी मंडल के पिनाकोटा गांव के पास सड़क निर्माण स्थल पर अचानक आग लगने से कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाले डंपर ट्रक में डीजल भरते समय आग भड़कने की आशंका है। आग इतनी तेजी से फैली कि वहां मौजूद लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।

जिले के पुलिस अधीक्षक अमित बरदार ने पांच लोगों की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि घटनास्थल दूरदराज के पहाड़ी क्षेत्र में है, जहां ईंधन की नियमित उपलब्धता नहीं होने के कारण निर्माण कार्य में लगे लोग ड्रमों में डीजल लेकर आते हैं। पुलिस को आशंका है कि ईंधन भरने के दौरान किसी चिंगारी के संपर्क में आने से आग लगी होगी। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों की जांच जारी है।

सुबह सड़क निर्माण स्थल पर हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, शनिवार 24 अक्टूबर को सुबह करीब साढ़े आठ बजे अनंतगिरी मंडल के पिनाकोटा गांव के आसपास सड़क निर्माण का काम चल रहा था। निर्माण स्थल पर डंपर, छोटे टिपर ट्रक और अन्य वाहन मौजूद थे।

इसी दौरान एक वाहन में डीजल भरने की प्रक्रिया चल रही थी। बताया जा रहा है कि अचानक आग लग गई और देखते ही देखते आसपास खड़े वाहनों तक फैल गई।

घटनास्थल पर मौजूद लोगों को बचने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया।

प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, आग की चपेट में आने से कम से कम पांच लोगों की जान चली गई। हादसे में वाहनों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

करीब 100 किलोमीटर दूर है निर्माण स्थल

पुलिस अधीक्षक अमित बरदार के अनुसार, पिनाकोटा के जिस इलाके में यह हादसा हुआ, वह मुख्य क्षेत्र से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित है।

दूरदराज का पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यहां निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाले भारी वाहनों में ईंधन भरना चुनौतीपूर्ण होता है।

ऐसी स्थिति में मजदूर और वाहन चालक ड्रमों में डीजल लेकर निर्माण स्थल तक पहुंचते हैं। इसके बाद आवश्यकतानुसार वाहनों में ईंधन भरा जाता है।

पुलिस का अनुमान है कि शनिवार को भी इसी प्रक्रिया के दौरान दुर्घटना हुई होगी।

हालांकि, अधिकारियों ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि आग लगने के समय वहां कितना डीजल मौजूद था और संबंधित वाहन में ईंधन भरने के लिए कौन-कौन लोग मौजूद थे।

चिंगारी से आग लगने की आशंका

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि डंपर में ईंधन भरते समय सुरक्षा सावधानियों में कमी होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि संभवतः ईंधन भरने के दौरान किसी चिंगारी के कारण आग लगी होगी।

हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि घटना की जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट होगा।

पुलिस अधीक्षक अमित बरदार ने इस घटना को प्रारंभिक तौर पर दुर्घटनावश लगी आग बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार पांच लोगों की मौत हुई है।

अधिकारियों के मुताबिक, घटनास्थल का तकनीकी निरीक्षण किया जाएगा और आग लगने की परिस्थितियों की जांच की जाएगी।

विस्फोटक सामग्री को लेकर भी सामने आई जानकारी

इस हादसे को लेकर अलग-अलग प्रारंभिक रिपोर्टों में घटना के कारण के संबंध में अंतर सामने आया है।

कुछ रिपोर्टों में सड़क चौड़ीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाली जिलेटिन की छड़ों से जुड़े विस्फोट का उल्लेख किया गया है।

बताया गया है कि पहाड़ी मार्ग पर सड़क निर्माण के लिए चट्टानों को हटाने का काम चल रहा था। इसी दौरान विस्फोटक सामग्री से जुड़े उपकरण में धमाका होने की बात सामने आई।

एक रिपोर्ट के अनुसार, हादसे में तीन मजदूरों, एक वाहन चालक और रास्ते से गुजर रही एक शिक्षिका की मौत हुई है।

हालांकि, पुलिस अधीक्षक ने शुरुआती बयान में इसे दुर्घटनावश लगी आग बताया है। ऐसे में आग और विस्फोटक सामग्री की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएगा।

पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं

हादसे की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे।

अधिकारियों ने राहत और बचाव कार्य शुरू कराते हुए घटना से संबंधित जानकारी जुटाई।

पुलिस अधीक्षक अमित बरदार ने बताया कि पुलिस की एक टीम घटनास्थल पर पहुंच चुकी है, जबकि जांच के लिए अन्य अधिकारियों को भी भेजा गया है।

प्रशासन मृतकों की पहचान और हादसे के समय वहां मौजूद लोगों की जानकारी एकत्र कर रहा है।

पुलिस यह भी पता लगाएगी कि निर्माण स्थल पर निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं।

गृह मंत्री ने अधिकारियों से ली जानकारी

आंध्र प्रदेश की गृह मंत्री वंगालापुडी अनिता ने घटना पर दुख व्यक्त किया है।

उन्होंने अल्लूरी सीताराम राजू जिले की कलेक्टर टी. निशांति और पुलिस अधीक्षक अमित बरदार से फोन पर बातचीत करके हादसे की जानकारी ली।

गृह मंत्री ने अधिकारियों को घायलों का उचित उपचार सुनिश्चित करने और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।

गृह मंत्री ने अधिकारियों से घटना की परिस्थितियों की जानकारी लेकर आवश्यक कदम उठाने को कहा है।

निर्माण कार्य में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस हादसे के बाद दूरदराज के क्षेत्रों में सड़क निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

भारी मशीनों और निर्माण वाहनों के आसपास ईंधन का भंडारण तथा उपयोग करते समय विशेष सावधानी बरतना जरूरी होता है।

यदि निर्माण स्थल पर विस्फोटक सामग्री भी मौजूद हो, तो सुरक्षा नियमों का पालन और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है।

ऐसे स्थानों पर आग बुझाने के उपकरण, सुरक्षित ईंधन भंडारण और आपातकालीन सहायता की उपलब्धता आवश्यक होती है।

इसके अलावा कर्मचारियों को ज्वलनशील पदार्थों और निर्माण उपकरणों के सुरक्षित उपयोग का प्रशिक्षण देना भी महत्वपूर्ण है।

हालांकि, पिनाकोटा में इन सुरक्षा व्यवस्थाओं में किस स्तर पर कमी थी, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

हादसे में पांच मौतों की पुष्टि

पुलिस अधीक्षक अमित बरदार ने बताया कि अब तक पांच लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।

मृतकों की पहचान और उनके परिजनों से संबंधित औपचारिक जानकारी जुटाई जा रही है।

कुछ शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों की संख्या चार बताई गई थी, लेकिन बाद में पांच लोगों की मौत की जानकारी सामने आई।

पुलिस और संबंधित विभागों की जांच के बाद मृतकों की अंतिम सूची तथा हादसे की परिस्थितियां स्पष्ट होंगी।

जांच रिपोर्ट से सामने आएगा वास्तविक कारण

पिनाकोटा गांव के पास हुए इस हादसे ने सड़क निर्माण परियोजनाओं में सुरक्षा मानकों के महत्व को फिर सामने ला दिया है।

विशेष रूप से दूरदराज के पहाड़ी क्षेत्रों में निर्माण सामग्री, डीजल और अन्य उपकरणों के सुरक्षित इस्तेमाल के लिए प्रभावी व्यवस्था आवश्यक होती है।

फिलहाल पुलिस आग लगने के वास्तविक कारण और निर्माण स्थल पर अपनाई गई सुरक्षा प्रक्रियाओं की जांच कर रही है।

जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि दुर्घटना केवल ईंधन भरने के दौरान लगी आग से हुई या इसमें निर्माण कार्य में इस्तेमाल विस्फोटक सामग्री की भी भूमिका थी।

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