आंध्र प्रदेश Andhra Pradesh: ईस्ट गोदावरी जिले में हिडमा और अन्य व्यक्तियों की मौत को लेकर उच्च न्यायालय के अधिवक्ता और सिविल लिबर्टीज कमिटी के संयुक्त सचिव T. Anjaneyulu ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि “कल सुबह यह समाचार आया कि ईस्ट गोदावरी जिले में हिडमा और अन्य की हत्या कर दी गई, जिसमें कुल 86 लोगों की मौत हुई। T. Anjaneyulu ने कहा कि उनके पास प्राप्त जानकारी के अनुसार, ये लोग पहले ही पुलिस की हिरासत में थे और उसके बाद उन्हें कथित तौर पर मार दिया गया। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस मामले में निष्पक्ष न्यायिक जांच नियुक्त की जाए ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि हत्या कैसे और किन परिस्थितियों में हुई। 

उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाओं से कानून व्यवस्था और नागरिकों के अधिकारों को गंभीर खतरा है। मानवाधिकार संगठनों और नागरिक समाज की निगरानी के बिना इस तरह की घटनाओं का निष्पक्ष रूप से खुलासा करना कठिन हो सकता है। T. Anjaneyulu ने जोर देकर कहा कि न्यायिक जांच से न केवल पीड़ित परिवारों को न्याय मिलेगा, बल्कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने में भी मदद मिलेगी। अधिवक्ता ने यह स्पष्ट किया कि पुलिस और प्रशासन पर आरोप लगाए जाने से पहले निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करनी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि न्यायिक जांच द्वारा ही वास्तविक घटनाक्रम का पता लगाया जा सकता है और दोषियों को कानून के अनुसार सजा दी जा सकती है। 

इस घटना ने राज्य में मानवाधिकार संरक्षण और पुलिस की कार्रवाई की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नागरिक समाज, मीडिया और मानवाधिकार संगठनों ने भी इस मामले पर सरकार और पुलिस से स्पष्ट जवाब मांगा है। वहीं, T. Anjaneyulu ने कहा कि सरकार को तुरंत कदम उठाकर घटना की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में इस तरह की कथित हिरासत में हत्या की घटनाएं न हों। इस मामले में न्यायिक जांच की मांग तेजी से उठ रही है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि हिरासत में मृतकों की मौत किन परिस्थितियों में हुई और किनके द्वारा जिम्मेदारी ली जानी चाहिए।
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