Andhra में 3 दिन भारी बारिश का अलर्ट

Update: 2026-07-03 12:24 GMT

Andhra Pradesh आंध्र प्रदेश: मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश के लोगों के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम और आसपास के क्षेत्रों में बना लो-प्रेशर एरिया, जो उत्तरी ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों के पास स्थिर है, अब राज्य के मौसम को प्रभावित कर रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह सिस्टम अभी वहीं बना हुआ है और इसके अगले दो दिनों में और मजबूत होने की संभावना है।

मौसम विभाग ने बताया कि इस लो-प्रेशर से जुड़ा एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन समुद्र तल से लगभग 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसके अलावा समुद्र तल पर मॉनसून ट्रफ और एक शियर ज़ोन भी सक्रिय है, जिसका संयुक्त असर अगले तीन दिनों तक पूरे आंध्र प्रदेश में देखा जाएगा। इस कारण राज्य में कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस सिस्टम का सबसे ज्यादा असर उत्तरी तटीय जिलों पर पड़ेगा। इन इलाकों में अगले कुछ दिनों तक मौसम अस्थिर रहने की संभावना है और बारिश की तीव्रता समय-समय पर बदलती रहेगी।

शुक्रवार को राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। वहीं, एक या दो स्थानों पर भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है। इससे निचले इलाकों में जलभराव और सामान्य जनजीवन पर असर पड़ सकता है।

शनिवार और रविवार को भी मौसम में सुधार की संभावना कम है। इन दिनों कुछ क्षेत्रों में मध्यम बारिश होने की उम्मीद है, जबकि शनिवार को एक या दो स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इन तीन दिनों के दौरान तेज हवाओं का भी असर रहेगा।

पूर्वानुमान के अनुसार इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग ने विशेष रूप से तटीय और उत्तरी जिलों के लोगों को सावधानी बरतने की अपील की है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है क्योंकि समुद्री स्थिति अस्थिर बनी रह सकती है। तेज हवाओं और ऊंची लहरों के कारण समुद्र में खतरा बढ़ सकता है।

स्थानीय प्रशासन को भी अलर्ट पर रखा गया है और आपदा प्रबंधन टीमों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इस बारिश का असर कुछ क्षेत्रों में खेती पर भी पड़ सकता है। जहां अत्यधिक वर्षा होगी, वहां जलभराव की स्थिति बन सकती है, जिससे फसलों को नुकसान होने की आशंका है। वहीं, कुछ क्षेत्रों में यह बारिश खरीफ फसलों के लिए लाभकारी भी हो सकती है।

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और बिजली गिरने के समय खुले स्थानों में न रहें। साथ ही मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

इस प्रकार, बंगाल की खाड़ी में बने सक्रिय मौसम सिस्टम के कारण आंध्र प्रदेश में अगले तीन दिन तक बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक का दौर जारी रहने की संभावना है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

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