ग्रीन डेटा सेंटर भारत के सतत विकास की कुंजी, सीआईआई सस्टेनेबिलिटी समिट में बोले विशेषज्ञ
Visakhapatnam विशाखापत्तनम। आंध्र प्रदेश में आयोजित CII Andhra Pradesh Sustainability Summit 2026 के दौरान सतत विकास और हरित प्रौद्योगिकी पर व्यापक चर्चा हुई। इस अवसर पर डेटा सेंटर उद्योग के विशेषज्ञों ने भारत में ग्रीन डेटा सेंटर की संभावनाओं और चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए।
समिट में वक्ता के रूप में शामिल हुए Pachaimuthu Muthusamy ने कहा कि भारत में ग्रीन डेटा सेंटर स्थापित करना पूरी तरह संभव है और इसके लिए वैश्विक अनुभवों से सीखने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि अमेरिका, उत्तरी अमेरिका और यूरोप के बाजारों में डेटा सेंटर क्षेत्र ने ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।
उन्होंने कहा कि आधुनिक डेटा सेंटरों में ऊर्जा की खपत को कम करने, नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाने और कार्बन उत्सर्जन घटाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। भारत में डिजिटल अर्थव्यवस्था के तेजी से विस्तार के साथ डेटा सेंटरों की मांग बढ़ रही है, ऐसे में हरित तकनीकों को अपनाना समय की आवश्यकता बन गया है।
मुथुसामी ने कहा कि ग्रीन डेटा सेंटर न केवल पर्यावरण संरक्षण में योगदान देंगे, बल्कि परिचालन लागत को कम करने और दीर्घकालिक आर्थिक लाभ प्रदान करने में भी मददगार साबित होंगे। उन्होंने उद्योग, सरकार और तकनीकी विशेषज्ञों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया ताकि भारत वैश्विक स्तर पर टिकाऊ डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रमुख केंद्र बन सके। सस्टेनेबिलिटी समिट में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, नीति निर्माताओं और तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण-अनुकूल औद्योगिक विकास, ऊर्जा दक्षता और सतत तकनीकी समाधानों को बढ़ावा देना रहा।