Andhra Pradesh आंध्र प्रदेश : अमरावती में बाघ की मौत के बाद वन विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था और संरक्षण उपायों को और मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए हैं। अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) राहुल पांडेय ने बताया कि घटना के बाद विस्तृत सुरक्षा ऑडिट किया गया है और अब पूरे वन क्षेत्र में व्यापक टाइगर ऑडिट कराने के निर्देश दिए गए हैं।
राहुल पांडेय ने कहा कि बाघ की मौत के मामले को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने बताया कि संबंधित क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई है और विस्तृत दिशा-निर्देश तैयार किए गए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। उन्होंने कहा कि नागरजुनसागर-श्रीशैलम टाइगर रिजर्व (NSTR) का सुरक्षा ऑडिट पूरा कर लिया गया है।
उन्होंने जानकारी दी कि फील्ड डायरेक्टर को पूरे लैंडस्केप में गहन टाइगर ऑडिट कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस ऑडिट के तहत बाघों की मौजूदगी, उनकी गतिविधियों, आवास की स्थिति, सुरक्षा व्यवस्था और संभावित खतरों का विस्तृत आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर आगे की संरक्षण रणनीति तैयार की जाएगी।
वन विभाग का मानना है कि नियमित निगरानी और वैज्ञानिक तरीके से किए जाने वाले सर्वेक्षण वन्यजीव संरक्षण को अधिक प्रभावी बनाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, टाइगर ऑडिट के दौरान आधुनिक तकनीक, कैमरा ट्रैप, फील्ड सर्वे और अन्य वैज्ञानिक तरीकों का उपयोग किया जाएगा ताकि बाघों की वास्तविक स्थिति का सटीक आकलन किया जा सके।
राहुल पांडेय ने कहा कि बाघ देश की जैव विविधता और वन पारिस्थितिकी का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इसलिए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना वन विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच और ऑडिट के निष्कर्षों के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे, जिससे बाघों और उनके प्राकृतिक आवास की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।