तिरुवनंतपुरम: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने राज्य पुलिस प्रमुख को एक पत्र लिखा है जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और उनके परिवार पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पत्र में कहा गया है कि उनकी बेटी टी. वीना को कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) से मिले पैसे असल में "उनके पिता की ओर से ली गई रिश्वत" थी।
पिनाराई और वीना के अलावा, इस पत्र में विपक्ष के नेता के दामाद और विधायक पी.ए. मोहम्मद रियास का नाम भी संदिग्ध हवाला लेन-देन से जोड़ा गया है। इसमें कहा गया है कि रियास और वीना के सहयोगी बताए जाने वाले हसन वारिश ने कथित रिश्वत की रकम ली और पांच बार हवाला एजेंट के ज़रिए उसे दुबई भेजा।
इन तीनों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग करने वाले 25 पन्नों के पत्र में कहा गया है कि वीना को CMRL से 4 मार्च 2017 से पैसे मिलने शुरू हुए और यह सिलसिला 9 मई 2019 तक चला। उन्हें पहली किस्त के तौर पर 9 लाख रुपये मिले और कुल मिलाकर 3.28 करोड़ रुपये मिले। इसमें से 50 लाख रुपये कथित तौर पर CMRL ने बिना किसी इनवॉइस के दिए थे।
पत्र में 2024 में वीना की 16 दिन की UAE यात्रा को भी संदिग्ध बताया गया है और दावा किया गया है कि CMRL से मिले कुछ पैसे आखिरकार विदेशी बैंक खातों में पहुंच गए। इसमें कहा गया है कि UAE में मौजूद सहयोगियों ने नकद रकम वहां अपने बैंक खातों में ट्रांसफर की। इस बात को साबित करने के लिए ED ने CMRL के सीनियर अधिकारियों की डायरी एंट्री, हाथ से लिखे नोट (जिनमें वीना के नोट भी शामिल हैं), पूर्व CM की बेटी की बताई जाने वाली 'लाल डायरी' की संवेदनशील जानकारी और मनी ट्रेल (पैसे के लेन-देन का ब्योरा) से मिली जानकारियों का हवाला दिया है।