मदनपल्ले: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को घोषणा की कि 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश से बनने वाले 'ग्लोबल हॉर्टिकल्चर हब' के ज़रिए रायलसीमा को सूखे वाले इलाके से खुशहाली वाले इलाके में बदल दिया जाएगा।
उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ मिलकर अन्नामय्या ज़िले के मदनपल्ले में 'ग्लोबल हॉर्टिकल्चर हब' और 'इंडियन स्कूल ऑफ़ एग्रीकल्चर' की आधारशिला रखी।
उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण और मानव संसाधन विकास मंत्री नारा लोकेश ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
'ग्लोबल हॉर्टिकल्चर हब' प्रोजेक्ट को तीन चरणों में लागू किया जाएगा, जिसमें अनुमानित निवेश 1 लाख करोड़ रुपये होगा।
इसमें से केंद्र सरकार 40,352 करोड़ रुपये देगी, जबकि प्राइवेट सेक्टर से 60,000 करोड़ रुपये का निवेश जुटाने की कोशिश की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, इस प्रोजेक्ट में अनंतपुर, अन्नामय्या, चित्तूर, कुरनूल, नंड्याल, श्री सत्य साईं, तिरुपति, कडप्पा, प्रकाशम और मरकापुरम ज़िले शामिल होंगे।
इन 10 ज़िलों में 303 मंडलों और 5,869 गांवों में फैले 201 क्लस्टर के ज़रिए विकास कार्य किए जाएंगे।
सरकार की योजना बागवानी खेती के मौजूदा 8.41 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को 6 लाख हेक्टेयर और बढ़ाकर कुल 14.41 लाख हेक्टेयर करने की है।
इस प्रोजेक्ट का मकसद बागवानी उत्पादन को मौजूदा 222 लाख टन से बढ़ाकर 435 लाख टन करना है, जिससे सीधे तौर पर 9.6 लाख किसानों को फ़ायदा होगा।
इस पहल के तहत, 9 लाख एकड़ का अतिरिक्त 'आयाकट' (सिंचाई क्षेत्र) बनाया जाएगा, जबकि 4.3 लाख एकड़ में सिंचाई सुविधाओं को बेहतर और स्थिर किया जाएगा।
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि सरकार सूखे की मार झेलने वाले रायलसीमा क्षेत्र को खुशहाली वाले इलाके में बदलकर वहां के किसानों की किस्मत बदलने का अपना वादा पूरा कर रही है। उन्होंने कहा कि रायलसीमा के किसान अब सेब और स्ट्रॉबेरी से लेकर केले, एवोकाडो, कीवी और खजूर तक सब कुछ उगा सकते हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि 'ग्लोबल हॉर्टिकल्चर हब' के साथ रायलसीमा दुनिया के लिए "फ्रूट बाउल" (फलों का केंद्र) के तौर पर उभरेगा।
मुख्यमंत्री ने 'ग्लोबल हॉर्टिकल्चर हब' के लिए फंड देने पर केंद्र सरकार का शुक्रिया अदा किया और खास तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मिले सहयोग का ज़िक्र किया।
उन्होंने राज्य की मांग पर हमेशा फंड उपलब्ध कराने के लिए निर्मला सीतारमण की भी तारीफ़ की।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 'इंडियन स्कूल ऑफ़ एग्रीकल्चर' (ISA) की आधारशिला भी रखी गई है।
उन्होंने कहा कि जिस तरह IIM मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स तैयार करते हैं, IIT टेक्निकल एक्सपर्ट्स बनाते हैं और ISB उद्यमियों (entrepreneurs) के कौशल को निखारता है, उसी तरह ISA कृषि के क्षेत्र में लीडर्स तैयार करेगा।
उन्होंने कहा कि मदनपल्ले में बन रहा ISA बागवानी क्षेत्र के लिए बहुत अहम साबित होगा।
CM नायडू ने बताया कि अनंतपुर देश का दूसरा सबसे सूखा ज़िला है और पहले यहाँ रेगिस्तान जैसे हालात थे।
उन्होंने कहा कि सरकार ने रायलसीमा की मुश्किलों को दूर करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री एन.टी. रामा राव द्वारा शुरू की गई सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करके क्षेत्र की मदद की।
उन्होंने कहा, "हमने क्षेत्र में पानी से जुड़ी समस्याओं को कम करने के लिए ड्रिप सिंचाई जैसी तकनीकें अपनाईं।"
नायडू ने कहा कि सरकार ने जल संरक्षण के उपायों के ज़रिए भूजल स्तर को बढ़ाने के लिए कई योजनाएँ लागू की हैं।
चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि उन्हें "वॉटर मैन" के तौर पर पहचाने जाने पर खुशी है।
उन्होंने कहा, "अपने पाँच दशक के राजनीतिक करियर में मुझे 'हाई-टेक CM' और 'CEO CM' कहा गया है; अब मुझे 'वॉटर मैन' के तौर पर पहचाना जा रहा है। इससे मुझे बहुत खुशी मिलती है।"