विजयनगरम : 28 अक्टूबर 2026। आंध्र प्रदेश में चक्रवाती तूफान 'अर्नब' ने भारी तबाही मचाई है। लगातार मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं के कारण कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। इसी बीच विजयनगरम जिले से राहत भरी खबर सामने आई है, जहां ग्रामीण पुलिस ने बाढ़ के पानी से घिरे एक घर में फंसे पांच लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। धर्मपुरी गांव में हुई इस घटना के दौरान पुलिसकर्मियों ने मुश्किल परिस्थितियों में बचाव अभियान चलाया। रस्सियों और जेसीबी मशीन की सहायता से सभी पांच लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। पुलिस की इस कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया।
धर्मपुरी गांव में बाढ़ के पानी से घिर गया मकान
जानकारी के अनुसार, चक्रवात अर्नब के प्रभाव से विजयनगरम जिले के धर्मपुरी गांव में भारी बारिश हुई। लगातार बारिश के कारण गांव के निचले इलाकों में पानी भर गया और कई स्थानों पर सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ।इसी दौरान एक मकान चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिर गया। घर में मौजूद पांच लोग बाहर निकलने में असमर्थ हो गए। पानी के कारण उनके लिए सुरक्षित रास्ते तक पहुंचना मुश्किल हो गया था।स्थिति गंभीर होने पर स्थानीय पुलिस को घटना की सूचना दी गई। जानकारी मिलते ही विजयनगरम ग्रामीण पुलिस ने बचाव अभियान शुरू किया।
DSP एस. लक्ष्मणमूर्ति के नेतृत्व में चला रेस्क्यू ऑपरेशन
पांच लोगों के फंसे होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। बचाव अभियान का नेतृत्व डीएसपी एस. लक्ष्मणमूर्ति ने किया।पुलिस अधिकारियों ने मौके की परिस्थितियों का आकलन करते हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की योजना बनाई। आसपास पानी भरा होने के कारण सामान्य तरीके से मकान तक पहुंचना मुश्किल था।इसके बाद पुलिस ने जेसीबी मशीन और मजबूत रस्सियों की सहायता से बचाव कार्य शुरू किया।काफी सावधानी बरतते हुए टीम ने घर में फंसे पांचों लोगों को बाहर निकाला और सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। राहत की बात यह रही कि बचाए गए सभी पांच लोगों के सुरक्षित होने की जानकारी सामने आई है।पुलिस की तत्परता के कारण लोगों को समय रहते बाढ़ प्रभावित मकान से निकाला जा सका।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में पुलिस ने लगाए बैरिकेड
बचाव अभियान के साथ ही विजयनगरम ग्रामीण पुलिस ने अन्य संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई है।पुलिस ने जलभराव वाले इलाकों में लोगों की आवाजाही रोकने के लिए बैरिकेड लगाए हैं। अधिकारियों ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि वे बाढ़ के पानी में प्रवेश करने या जलमग्न रास्तों से गुजरने का प्रयास न करें।पुलिस ने लोगों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने की अपील की है।अधिकारियों के अनुसार, चक्रवात के कारण प्रभावित इलाकों में स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतना जरूरी है।
विजयनगरम में रिकॉर्डतोड़ बारिश से बिगड़े हालात
चक्रवात अर्नब के प्रभाव से आंध्र प्रदेश के विजयनगरम, विशाखापत्तनम और अनकापल्ली सहित कई जिलों में अत्यधिक बारिश दर्ज की गई।भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 27 अक्टूबर की सुबह 8:30 बजे से 28 अक्टूबर की सुबह 4 बजे तक कई स्थानों पर 200 मिलीमीटर से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई।अनकापल्ली जिले के कन्नूरीपालेम में 261.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि विजयनगरम जिले के केवीबीआर स्कूल क्षेत्र में 259.74 मिलीमीटर बारिश हुई।इसके अलावा विशाखापत्तनम के 16वीं पुलिस बटालियन क्षेत्र में 259.06 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव हुआ और कई स्थानों पर सड़कों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ।
आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में चक्रवात का कहर
चक्रवात अर्नब ने 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यानम के तट को पार किया। तट पार करने के बाद इसकी तीव्रता घटकर गंभीर चक्रवाती तूफान के स्तर पर आ गई।हालांकि, इसके प्रभाव से कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रहा।तूफान के कारण जगह-जगह पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे गिर गए और कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई।सड़कों पर पेड़ गिरने से वाहनों की आवाजाही में परेशानी हुई। कुछ स्थानों पर खेतों में खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचा।चक्रवात के दौरान तेज हवाओं की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने और झोंकों के 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक जाने की चेतावनी जारी की गई थी।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने की स्थिति की समीक्षा
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार सुबह चक्रवात प्रभावित जिलों की स्थिति की समीक्षा की।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सड़कों पर गिरे पेड़ों को जल्द हटाया जाए और मौसम की परिस्थितियां अनुकूल होने पर बिजली आपूर्ति बहाल की जाए।मुख्यमंत्री ने जलाशयों, तालाबों और नहरों में पानी के बढ़ते स्तर की निगरानी करने तथा संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा।प्रशासन ने प्रभावित लोगों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने के लिए कई स्कूलों को राहत केंद्रों में परिवर्तित किया है।28 अक्टूबर की सुबह तक राज्य के 609 स्कूलों को पुनर्वास केंद्र के रूप में चिह्नित किया गया था।
काकीनाडा में भी पुलिस ने बचाए बाढ़ में फंसे लोग
विजयनगरम के अलावा काकीनाडा जिले में भी पुलिस ने बाढ़ के पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।काकीनाडा के बॉम्बे कट्टा क्षेत्र में चार लोग उस समय फंस गए, जब भारी बारिश और समुद्री पानी के कारण उनका आसपास का इलाका जलमग्न हो गया।सूचना मिलने के बाद पुलिस ने बचाव अभियान चलाकर चारों लोगों को सुरक्षित निकाला और उन्हें घर पहुंचाने की व्यवस्था की।काकीनाडा एंकरेज पोर्ट स्थित सीडब्ल्यूसी गोदाम परिसर में भी तीन लोगों के फंसे होने की जानकारी सामने आई थी।
पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
विजयनगरम ग्रामीण पुलिस ने लोगों से अपील की है कि चक्रवात का प्रभाव कम होने तक सतर्क रहें।पुलिस अधिकारियों ने विशेष रूप से निचले इलाकों में रहने वाले नागरिकों से जलभराव वाले रास्तों पर नहीं जाने और प्रशासन की चेतावनियों को गंभीरता से लेने को कहा है।बाढ़ के दौरान तेज बहाव वाले पानी में उतरना जानलेवा साबित हो सकता है। इसके अलावा गिरे हुए बिजली के तारों और क्षतिग्रस्त खंभों से भी दूरी बनाए रखने की आवश्यकता है।किसी आपात स्थिति में नागरिकों को पुलिस और स्थानीय प्रशासन से तत्काल संपर्क करने की सलाह दी गई है। राष्ट्रीय आपातकालीन सहायता नंबर 112 पर भी सहायता मांगी जा सकती है।
पुलिस की तत्परता से टला बड़ा हादसा
विजयनगरम के धर्मपुरी गांव में पांच लोगों को सुरक्षित बचाया जाना चक्रवात के बीच राहत की महत्वपूर्ण घटना है।बाढ़ के पानी से घिरे मकान तक पहुंचना आसान नहीं था, लेकिन डीएसपी एस. लक्ष्मणमूर्ति के नेतृत्व में ग्रामीण पुलिस ने आवश्यक उपकरणों की सहायता से अभियान पूरा किया।इस घटना ने आपदा के समय समय पर सूचना मिलने और राहत दलों की त्वरित कार्रवाई का महत्व सामने रखा है।चक्रवात अर्नब के कारण राज्य के विभिन्न इलाकों में नुकसान हुआ है और प्रशासन राहत एवं पुनर्वास कार्यों में जुटा है। इसी बीच धर्मपुरी गांव का यह बचाव अभियान दर्शाता है कि मुश्किल परिस्थितियों में पुलिस और राहत एजेंसियों की तत्परता से लोगों की जान बचाई जा सकती है।
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