स्कूल में घुसकर छात्रा पर हमला, CM नायडू बोले- दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
अमरावती। आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में दसवीं कक्षा के एक छात्र पर हुए कथित बर्बर हमले को लेकर मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कड़ी नाराजगी जताई है। मुख्यमंत्री ने घटना की निंदा करते हुए पुलिस अधिकारियों को मामले की गंभीरता से जांच करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने छात्र पर हुए हमले को चिंताजनक बताते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि बच्चों के खिलाफ हिंसा जैसी घटनाओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।घटना सामने आने के बाद छात्र की सुरक्षा और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद मामले में पुलिस की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। हालांकि, हमले के कारणों, आरोपियों की संख्या और छात्र की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति के बारे में विस्तृत आधिकारिक जानकारी की पुष्टि होना बाकी है।
छात्र पर हमले को लेकर मुख्यमंत्री ने जताई नाराजगी
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने दसवीं कक्षा के छात्र पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर आरोपियों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।मुख्यमंत्री का यह रुख बच्चों और विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर सरकार की जिम्मेदारी को रेखांकित करता है। स्कूल जाने वाले बच्चों के साथ मारपीट या हिंसा की घटनाएं न केवल पीड़ित परिवार के लिए गंभीर चिंता का विषय होती हैं, बल्कि समाज में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े करती हैं।ऐसी घटनाओं में त्वरित कार्रवाई के साथ निष्पक्ष जांच आवश्यक होती है, ताकि दोषियों को कानून के अनुसार दंडित किया जा सके और किसी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई न हो।
पुलिस को दिए कठोर कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने को कहा है। किसी आपराधिक मामले में पुलिस की भूमिका साक्ष्य जुटाने, आरोपियों की पहचान करने और आवश्यक होने पर गिरफ्तारी करने की होती है। दोष सिद्ध होने के बाद सजा निर्धारित करना न्यायालय का अधिकार है।छात्र पर हुए हमले की जांच में घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, चिकित्सकीय रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध जानकारी महत्वपूर्ण हो सकती है। यदि घटना के संबंध में वीडियो फुटेज या अन्य डिजिटल प्रमाण उपलब्ध होते हैं, तो पुलिस उनका भी परीक्षण कर सकती है।फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इस मामले में कितने लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज हुई है और अब तक कितनी गिरफ्तारियां की गई हैं। इसलिए जांच की प्रगति को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार करना आवश्यक है।
स्कूल की कक्षा में इलेक्ट्रिक आरी से किया हमला
31 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित समाचार रिपोर्टों के अनुसार, घटना अनंतपुर जिले के राप्ताडु स्थित जिला परिषद हाई स्कूल में हुई। सुबह करीब 10:30 बजे एक युवक इलेक्ट्रिक आरी लेकर दसवीं कक्षा में घुस गया और एक छात्रा पर हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आई दूसरी छात्रा भी घायल हो गई। दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया।हमले में मुख्य पीड़ित छात्रा के हाथ, गर्दन और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। उसकी हालत नाजुक बताई गई। घटना के समय कक्षा में पढ़ाई चल रही थी। अचानक हुए हमले से विद्यार्थी और शिक्षक घबरा गए। स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
आरोपी की गिरफ्तारी की खबर, हमले का कारण जांच के दायरे में
ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने संदिग्ध आरोपी हेमंत उर्फ दुम्मू को धर्मावरम रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में आरोपी के पीड़िता का दूर का रिश्तेदार होने की बात सामने आई है। हालांकि, हमले के पीछे का वास्तविक कारण जांच के दायरे में है।घटना ने स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक विद्यालय में मरम्मत का काम चल रहा था। आशंका जताई गई है कि इसी वजह से आरोपी को परिसर में प्रवेश मिल गया। इस पहलू की भी जांच की जा रही है।
मुख्यमंत्री खुद कर रहे छात्रा के इलाज की निगरानी
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर घटना को लेकर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि स्कूलों के भीतर बच्चियों को निशाना बनाने वालों के लिए समाज में कोई जगह नहीं है।नायडू ने बताया कि वह घायल छात्रा के स्वास्थ्य और उपचार की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने चिकित्सकों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने पुलिस को भी शीघ्र कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।राज्य के शिक्षा मंत्री नारा लोकेश ने भी घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि पढ़ाई और सुरक्षा के लिए बने स्थान पर छात्रा के साथ ऐसी हिंसा बेहद निंदनीय है। उन्होंने छात्राओं की सुरक्षा और सम्मान को सर्वोपरि बताते हुए दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की बात कही।
स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने विद्यालयों में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश और विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था पर व्यापक सवाल खड़े किए हैं। अभिभावकों ने इस बात पर चिंता जताई है कि एक व्यक्ति खतरनाक उपकरण लेकर कक्षा तक कैसे पहुंच गया।स्कूलों में प्रवेश नियंत्रण, आगंतुकों की पहचान, सुरक्षा कर्मचारियों की तैनाती और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की व्यवस्था जैसे मुद्दे इस घटना के बाद महत्वपूर्ण हो गए हैं।फिलहाल पुलिस हमले की परिस्थितियों और आरोपी के उद्देश्य की जांच कर रही है। दूसरी ओर प्रशासन के सामने घायल छात्राओं को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने और विद्यालयों में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की चुनौती है।