विजयवाड़ा: आंध्र प्रदेश सरकार ने 21 सितंबर से एक साल के लिए राज्य में गैर-मानकीकृत एनालॉग पनीर (कृत्रिम या गैर-डेयरी पनीर) के निर्माण, प्रसंस्करण, पैकिंग, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है।
राज्य के खाद्य सुरक्षा आयुक्त जी वीरपांडियन ने हाल ही में एक अधिसूचना जारी की, जिसे आंध्र प्रदेश राजपत्र में प्रकाशित किया गया था।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा करना, उपभोक्ता धोखे को रोकना और खाद्य व्यापार में निष्पक्ष व्यवहार सुनिश्चित करना है।
सभी खाद्य व्यवसाय संचालकों को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया है कि पनीर के रूप में बेचे या परोसे जाने वाले उत्पाद भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के लागू मानकों का अनुपालन करते हैं। अधिसूचना में कहा गया है कि गैर-डेयरी एनालॉग्स को असली पनीर के रूप में गलत तरीके से प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए।