अमरावती: मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार को कहा कि आंध्र प्रदेश आपदा प्रबंधन के मामले में देश के लिए एक मिसाल बनकर उभरा है। राज्य ने 'अरनाब' और 'मुरसु' चक्रवातों का प्रभावी ढंग से सामना किया, जिससे जान-माल का नुकसान टला और रिकॉर्ड समय में जरूरी सेवाएं बहाल कर दी गईं। उन्होंने बताया कि जिन कामों में आमतौर पर लगभग 20 दिन लगते, उन्हें सरकारी विभागों की बेहतर योजना और आपसी तालमेल की बदौलत महज 4-5 दिनों में पूरा कर लिया गया।

सचिवालय स्थित 'रियल-टाइम गवर्नेंस सोसाइटी' (RTGS) केंद्र में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन ने लोगों की सुरक्षा, राहत और पुनर्वास को प्राथमिकता दी। राज्य स्तर से लेकर गांव और वार्ड स्तर तक के अधिकारी दिन-रात काम में जुटे रहे, और प्रभावित इलाकों में जिला कलेक्टरों ने बचाव कार्यों का नेतृत्व किया। उन्होंने इस सफलता का श्रेय सरकारी तंत्र और आम जनता के बीच बने बेहतरीन तालमेल को दिया।

नायडू ने बताया कि RTGS और AWARE सिस्टम की मदद से अधिकारी चक्रवात की दिशा, हवा की गति, बारिश के पूर्वानुमान, बाढ़ और पानी के बहाव के आधार पर तुरंत फैसले ले सके। मौसम का पूर्वानुमान 90 प्रतिशत तक सटीक रहा, जिससे सरकार को पहले ही उन गांवों की पहचान करने में मदद मिली जो खतरे में थे। इससे चक्रवात के असर से पहले ही वहां बचाव दल और जरूरी उपकरण तैनात किए जा सके।

चक्रवातों के कारण लगभग 31,000 बिजली के खंभे गिर गए, 4,095 गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई और 548 सब-स्टेशनों का कामकाज प्रभावित हुआ। नायडू ने बताया कि बिजली विभाग के कर्मचारियों ने भारी बारिश के बीच काम किया; उन्होंने गिरे हुए पेड़ों को हटाया और ड्रिलिंग मशीनों की मदद से नए खंभे लगाए। उन्होंने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर हुए नुकसान को ठीक करने में आमतौर पर 20 दिन लग जाते, लेकिन बिजली आपूर्ति को 4-5 दिनों के भीतर ही काफी हद तक बहाल कर दिया गया। उन्होंने बहाली के काम के दौरान अपनी जान जोखिम में डालने वाले कर्मचारियों की तारीफ की।

सरकार ने खतरे वाले इलाकों में लगभग 5,000 गर्भवती महिलाओं की पहचान की और उन्हें अस्पतालों में पहुंचाया। इस दौरान एक हफ्ते के भीतर 1,029 प्रसव हुए, जिसमें माताओं और नवजात शिशुओं के लिए सभी जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। इसके अलावा, मेडिकल कैंप लगाए गए, एंबुलेंस, आपातकालीन दवाएं और सांप के काटने के इलाज के लिए एंटी-वेनम उपलब्ध कराए गए। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि वे साफ-सफाई और पीने के साफ पानी का इंतजाम करें, ताकि बीमारियों को फैलने से रोका जा सके। साथ ही, 17 जिलों की 19,265 राशन दुकानों में दो महीने के लिए पर्याप्त जरूरी सामान का स्टॉक भी जमा कर लिया गया। नायडू ने बताया कि बहाली के काम में तेजी लाने के लिए उन्होंने तमिलनाडु और कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों तथा तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्का से अतिरिक्त कर्मियों की मांग की है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्र की ओर से मदद का भरोसा दिया है। एक केंद्रीय टीम ने नुकसान का जायजा लिया है और एक अंतरिम रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें 4,526 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। इसके बाद एक विस्तृत आकलन किया जाएगा।

शुरुआती आकलन के अनुसार, चक्रवातों से 3.52 लाख हेक्टेयर में कृषि फसलें और 23,211 हेक्टेयर में बागवानी फसलें बर्बाद हो गईं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बारिश की 28 प्रतिशत कमी होने के बावजूद, सरकार ने वर्षा जल को संचित करने के लिए कदम उठाए हैं। इन दो चक्रवातों से आए लगभग 11 TMC पानी को जलाशयों में भेजा गया, जबकि 25 TMC पानी को छोटे सिंचाई टैंकों में जमा किया गया। उन्होंने बताया कि जहां तटीय जिलों को चक्रवात से नुकसान हुआ, वहीं रायलसीमा क्षेत्र में सूखे जैसे हालात बने रहे। उन्होंने पोलावरम सहित प्राथमिकता वाली सिंचाई परियोजनाओं को जल्द पूरा करने की आवश्यकता पर जोर दिया। नायडू ने घोषणा की कि सरकार हाल की आपदाओं और पुरानी आपदा प्रबंधन योजनाओं से सीख लेते हुए, चक्रवात प्रबंधन के लिए एक विशेष मैनुअल तैयार करेगी। इसमें तेज हवाओं का सामना करने के लिए बिजली के खंभों के मजबूत डिजाइन और वैकल्पिक तकनीकों पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि फसल चक्र में बदलाव और आपदा-रोधी किस्मों को बढ़ावा देने के लिए कृषि विशेषज्ञों से सलाह-मशविरा किया जाएगा। इस बार सभी किसानों को फसल बीमा के दायरे में लाया गया है। सरकार भविष्य में होने वाले नुकसान से बचाने के लिए, बीमा के अलावा किसानों को इनपुट सब्सिडी (खेती की लागत में मदद) देने पर भी विचार करेगी।

अपने अनुभव में चक्रवात और 'अल नीनो' (El Nino) के एक साथ आने को एक अभूतपूर्व चुनौती बताते हुए, नायडू ने कहा कि सरकार भविष्य में होने वाले नुकसान को कम करने और किसानों तथा आम जनता की सुरक्षा के लिए एक व्यापक कार्य योजना तैयार करेगी।

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