नेल्लोर: राज्य सरकार ने 10वीं कक्षा की एक छात्रा की पढ़ाई फिर से शुरू कराने के लिए कदम उठाया है, जिसकी पढ़ाई बीच में ही छूट गई थी। इसमें शिक्षा मंत्री नारा लोकेश की पहल और नेल्लोर के जिला कलेक्टर हिमांशु शुक्ला तथा पुलिस अधीक्षक अजिता वेजेंडला की त्वरित कार्रवाई अहम रही।

जी. सुमनवी नाम की यह छात्रा कोंडापुरम के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) में 10वीं कक्षा में पढ़ रही थी। बताया जाता है कि उसने अपनी पढ़ाई छोड़ दी और हैदराबाद जाकर अपने पिता के साथ रहने लगी। अपनी पढ़ाई जारी न रख पाने को लेकर वह बहुत परेशान थी। 4 नवंबर को उसने सोशल मीडिया (ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए अपनी स्थिति के बारे में मंत्री नारा लोकेश को बताया और स्कूल वापस जाने की इच्छा जताई।

छात्रा की अपील पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए, मंत्री ने नेल्लोर के जिला कलेक्टर हिमांशु शुक्ला को मामले की जांच करने और उसकी पढ़ाई फिर से शुरू कराने के लिए जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया।

मंत्री के निर्देशों पर अमल करते हुए, कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों के जरिए छात्रा की परिस्थितियों की जानकारी ली और उसके पिता से फोन पर संपर्क करने की कई बार कोशिश की। जब पिता की ओर से कोई जवाब नहीं मिला, तो अधिकारियों ने छात्रा की दादी और हैदराबाद में उस दुकान के मालिक से संपर्क करने की कोशिश की, जहां उसके पिता काम करते थे। हालांकि, बताया जाता है कि उन्होंने अधिकारियों के साथ सहयोग करने से इनकार कर दिया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए, कलेक्टर ने एक विशेष टीम बनाई और उसे हैदराबाद भेजा, ताकि छात्रा को वापस लाया जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि उसकी पढ़ाई में आगे कोई रुकावट न आए।

राजस्व, पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम हैदराबाद गई। उन्होंने छात्रा के पिता को शिक्षा के महत्व के बारे में समझाया और उन्हें अपनी बेटी की पढ़ाई फिर से शुरू कराने के लिए राजी कर लिया। इसके बाद, टीम छात्रा को सुरक्षित कोंडापुरम वापस ले आई और KGBV स्कूल में उसका दोबारा दाखिला कराया, जिससे वह 5 नवंबर से अपनी 10वीं कक्षा की पढ़ाई जारी रख सकी।


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