विजयवाड़ा: आंध्र प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (APPCB) के चेयरमैन डॉ. पी. कृष्णाया ने रविवार को NTR ज़िले के परिताला गाँव में एक टायर पायरोलिसिस यूनिट का अचानक निरीक्षण किया और पाया कि प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का कई बार गंभीर उल्लंघन किया गया है। बिना किसी पूर्व सूचना के किए गए इस निरीक्षण के दौरान, डॉ. कृष्णाया ने यूनिट की हालत और प्रदूषण नियंत्रण के तय उपायों को लागू करने के तरीके पर चिंता जताई। परिसर में गंदगी पाई गई; वहाँ कचरा, इस्तेमाल किए गए टायर, कीचड़ और अन्य बेकार चीज़ें बिखरी हुई थीं। प्रदूषण नियंत्रण सिस्टम का एक अहम हिस्सा, एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP) भी ठीक से काम नहीं कर रहा था। चेयरमैन ने यह भी देखा कि पायरोलिसिस प्रक्रिया के दौरान बनने वाली अतिरिक्त गैस को ज़मीन के स्तर पर ही जलाया जा रहा था, जो तय नियमों के खिलाफ है। नियमों के अनुसार, फ्लेयर गैस को 30 मीटर ऊँचे स्टैक (चिमनी) के ज़रिए जलाया जाना चाहिए। लेकिन निरीक्षण में पाया गया कि फ्लेयर गैस को ज़मीन के स्तर पर बने एक कमरे के अंदर जलाया जा रहा था।
डॉ. कृष्णाया ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे यूनिट द्वारा 'कंसेंट टू एस्टेब्लिश' (CTE) और 'कंसेंट टू ऑपरेट' (CTO) की शर्तों का पालन करने की जाँच करें। उन्होंने कहा कि राज्य भर के दूर-दराज़ इलाकों में चल रही ऐसी ही यूनिट्स की भी पूरी जाँच की ज़रूरत है। चूँकि टायर पायरोलिसिस यूनिट्स उद्योगों की 'रेड कैटेगरी' (सबसे ज़्यादा प्रदूषण फैलाने वाली श्रेणी) में आती हैं, इसलिए चेयरमैन ने सभी ज़ोनल अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में ऐसी यूनिट्स का व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण करें और 7 अक्टूबर तक विस्तृत रिपोर्ट सौंपें। इन रिपोर्टों में यूनिट्स की मौजूदा हालत दिखाने वाली तस्वीरें, वीडियो और ETP डिस्चार्ज से जुड़ी टेस्ट रिपोर्ट शामिल होनी चाहिए।
परिताला यूनिट के मामले में, क्षेत्रीय अधिकारियों को व्यक्तिगत निरीक्षण करने और तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया। उन्हें यह बताना था कि जब प्रदूषण नियंत्रण का ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह से मौजूद नहीं था, तो CTO कैसे जारी किया गया। डॉ. कृष्णाया ने यूनिट के खिलाफ 'स्टॉप प्रोडक्शन ऑर्डर' (उत्पादन रोकने का आदेश) जारी करने का भी आदेश दिया और अधिकारियों से कहा कि वे तय प्रक्रिया के अनुसार 'एनवायरनमेंटल कंपनसेशन' (पर्यावरण मुआवज़ा) लगाने की प्रक्रिया शुरू करें। APPCB के NTR ज़िले के क्षेत्रीय अधिकारी श्रीनिवास राव ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रदूषण नियंत्रण नियमों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।