विजयवाड़ा: आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया है कि पात्र लाभार्थियों को उस अवधि के पेंशन बकाया (एरियर) देने से मना नहीं किया जा सकता, जिस दौरान प्रशासनिक देरी के कारण उनके आवेदन लंबित रहे।

न्यायमूर्ति कोनाकांती श्रीनिवास रेड्डी ने सरकार को निर्देश दिया कि वह एक विधवा के पेंशन बकाया की गणना करे और उसके आवेदन की तारीख से भुगतान करे। साथ ही, अदालत के फैसले की प्रति मिलने के आठ सप्ताह के भीतर इस प्रक्रिया को पूरा करने का आदेश दिया।

अदालत ने यह आदेश गुंटूर जिले के पोन्नूर मंडल के उप्परपालेम गांव की ताडिसेट्टी तिरुपतम्मा द्वारा दायर एक याचिका पर दिया। उनके पति, हरिकृष्ण, जो दिव्यांग थे, का 14 जुलाई 2023 को निधन हो गया था। उन्होंने 16 मार्च 2024 को 'वाईएसआर पेंशन कनुका' (YSR Pension Kanuka) योजना के तहत विधवा पेंशन के लिए आवेदन किया था।

सरकार बदलने के बाद, इस योजना का नाम बदलकर 'एनटीआर भरोसा' (NTR Bharosa) कर दिया गया और मासिक पेंशन को 3,000 रुपये से बढ़ाकर 4,000 रुपये कर दिया गया। आय सीमा और सफेद राशन कार्ड होने जैसी सभी पात्रता शर्तें पूरी करने के बावजूद, उनका आवेदन 10 महीने से अधिक समय तक लंबित रहा। तिरुपतम्मा ने भेदभाव का आरोप लगाते हुए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और न्याय की मांग की।


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