अमरावती: आंध्र प्रदेश के सभी सरकारी शिक्षण अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा को मजबूत करने, चिकित्सा संबंधी गलतियों को रोकने और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए विशेष समितियां गठित की गई हैं। चिकित्सा शिक्षा निदेशक (DME) डॉ. विष्णुवर्धन ने सरकारी शिक्षण अस्पतालों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इन समितियों के गठन में बेहतर तालमेल बिठाएं और यह सुनिश्चित करें कि ये समितियां सुचारू रूप से काम करें।

उन्होंने मरीजों की सुरक्षा से जुड़े दिशानिर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू करने और चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए उचित कदम उठाने पर जोर दिया। मरीजों की सुरक्षा की निगरानी के लिए विशेष अधिकारियों को भी नियुक्त किया गया है, और इन समितियों को 11 प्रमुख क्षेत्रों की निगरानी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इस पहल के तहत, अनंतपुर के सरकारी जनरल अस्पताल में निम्नलिखित फैकल्टी सदस्यों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं: दवा सुरक्षा के लिए डॉ. शरण सोनिया, सर्जिकल सुरक्षा के लिए डॉ. ए. नवीन कुमार, ब्लड ट्रांसफ्यूजन (रक्त आधान) सुरक्षा के लिए डॉ. वी. शिवशंकर नाइक, चिकित्सा उपकरणों की सुरक्षा के लिए डॉ. पी. मधु और प्रयोगशाला सुरक्षा के लिए डॉ. शांति रेड्डी।

संक्रमण नियंत्रण की निगरानी के लिए डॉ. रामास्वामी नाइक, चिकित्सा अनुसंधान के लिए डॉ. एस. उमा महेश्वर राव, मरीजों और उनके परिवारों की भागीदारी के लिए डॉ. वी. किशोर कुमार, वैक्सीन सुरक्षा के लिए डॉ. एम. रवि कुमार, अस्पताल सुविधाओं की सुरक्षा के लिए डॉ. एल. ब्रह्मानंदम और आयुष (AYUSH) सेवाओं के लिए डॉ. जी. नारायण स्वामी को नियुक्त किया गया है।

ये समितियां केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार गठित की गई हैं।

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