Andhra Pradesh आंध्र प्रदेश: शहरी हरियाली को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत बुधवार को नए सरकारी अस्पताल के सामने विकसित 115 एकड़ के द्रोणाचार्य अर्बन फॉरेस्ट का उद्घाटन किया गया। इस हरित परियोजना का उद्घाटन कोटला के विधायक जयसूर्या प्रकाश रेड्डी ने किया। यह अर्बन फॉरेस्ट शहर में बढ़ते शहरीकरण के बीच पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और लोगों को स्वच्छ एवं शांत वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।
वन विभाग द्वारा लगभग 2 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया यह विशाल पार्क शहर के लिए एक महत्वपूर्ण “ग्रीन लंग” के रूप में विकसित किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देगी, बल्कि नागरिकों को एक स्वस्थ और सुकून भरा सार्वजनिक स्थान भी उपलब्ध कराएगी।
उद्घाटन समारोह के दौरान विधायक जयसूर्या प्रकाश रेड्डी ने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए हरियाली का विस्तार बेहद आवश्यक है। उन्होंने इस परियोजना को सरकार के “हर घर के लिए सेहत और हर इलाके के लिए हरियाली” के विज़न का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहलें स्वच्छ हवा और टिकाऊ सार्वजनिक स्थानों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद करती हैं।
नए विकसित अर्बन फॉरेस्ट में आधुनिक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। इसमें वॉकिंग ट्रैक, ट्रेकिंग ट्रेल्स, बच्चों के खेलने के लिए विशेष क्षेत्र, बैठने के लिए आरामदायक स्थान और बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण शामिल है। इन सुविधाओं के चलते यह स्थान न केवल पर्यावरण संरक्षण का केंद्र बनेगा, बल्कि लोगों के लिए मनोरंजन और स्वास्थ्य गतिविधियों का भी प्रमुख स्थल साबित होगा।
विधायक ने उम्मीद जताई कि यह शांत और प्राकृतिक वातावरण जल्द ही सुबह की सैर, पारिवारिक भ्रमण और मनोरंजन के लिए एक लोकप्रिय स्थल बन जाएगा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य केवल हरियाली बढ़ाना नहीं है, बल्कि नागरिकों को प्रकृति के करीब लाना भी है।
भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करते हुए विधायक ने कहा कि आगे का विकास कार्य जनता की प्रतिक्रिया के आधार पर तय किया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि इस क्षेत्र को और आकर्षक बनाने के लिए मिनी डियर पार्क स्थापित करने और अतिरिक्त मनोरंजन सुविधाएं जोड़ने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस स्थान को एक इको-टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने की भी संभावना है, जिससे स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा।
उद्घाटन कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, वन विभाग के अधिकारियों, गठबंधन नेताओं और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही। लोगों ने इस परियोजना का स्वागत करते हुए इसे शहर के लिए एक सकारात्मक पहल बताया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बढ़ते प्रदूषण और शहरीकरण के बीच इस तरह के हरित क्षेत्र अत्यंत आवश्यक हैं। इससे न केवल पर्यावरण को लाभ मिलेगा, बल्कि लोगों को मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर स्थान मिलेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, शहरी अर्बन फॉरेस्ट परियोजनाएं शहरों में तापमान नियंत्रण, वायु गुणवत्ता सुधार और जैव विविधता संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यह परियोजना भी उसी दिशा में एक प्रभावी कदम मानी जा रही है।
कुल मिलाकर, द्रोणाचार्य अर्बन फॉरेस्ट का उद्घाटन शहर के लिए एक महत्वपूर्ण पर्यावरणीय उपलब्धि है, जो आने वाले समय में हरियाली, स्वास्थ्य और पर्यटन तीनों क्षेत्रों में सकारात्मक प्रभाव डालने की क्षमता रखता है।