विशाखापत्तनम: IMD अमरावती के अनुसार, दक्षिण अंडमान सागर और उसके आसपास के इलाकों में बुधवार को बने 'अपर एयर साइक्लोनिक सर्कुलेशन' (ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण) के असर से, गुरुवार सुबह 5:30 बजे उसी क्षेत्र में एक 'लो प्रेशर एरिया' (कम दबाव का क्षेत्र) बन गया है।
इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ने और अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिण अंडमान सागर तथा उससे सटे अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के ऊपर एक 'वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया' (स्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र) में तब्दील होने की प्रबल संभावना है।
इसके बाद, पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए, इसके अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह तथा अंडमान सागर के आसपास के इलाकों में एक 'डिप्रेशन' (गहरा कम दबाव का क्षेत्र) में बदलने की पूरी संभावना है।
इस बीच, उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश और उससे सटे दक्षिणी ओडिशा, दक्षिणी छत्तीसगढ़ तथा पूर्वोत्तर तेलंगाना के इलाकों में मौजूद 'डीप डिप्रेशन' (जो बहुत भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का बचा हुआ हिस्सा है), पिछले छह घंटों के दौरान लगभग उत्तर दिशा की ओर 22 किमी प्रति घंटे की गति से आगे बढ़ा। यह कमजोर होकर एक 'डिप्रेशन' में बदल गया है और गुरुवार सुबह 5:30 बजे दक्षिणी छत्तीसगढ़ तथा उससे सटे दक्षिणी ओडिशा के ऊपर केंद्रित था।