विशाखापत्तनम: आम जनता के लिए परिवहन सेवाओं को और अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, आंध्र प्रदेश परिवहन विभाग ने एक ऑनलाइन सुविधा शुरू की है। इसके जरिए आवेदक घर बैठे ही 'लर्नर्स लाइसेंस रजिस्ट्रेशन' (LLR) टेस्ट दे सकते हैं।
अब तक, लर्नर्स लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को टेस्ट देने के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) जाना पड़ता था। परिवहन कार्यालयों से दूर रहने वाले आवेदकों को अक्सर केवल 10 मिनट के टेस्ट के लिए दो से तीन घंटे का सफर तय करना पड़ता था। इन परेशानियों को दूर करने और समय बचाने के लिए, विभाग ने यह ऑनलाइन टेस्टिंग सुविधा शुरू की है।
नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) ने परिवहन विभाग के साथ मिलकर 'सारथी - न्यू लर्नर्स लाइसेंस टेस्ट' (Sarathi – New Learner Licence Test) नाम का एक नया सिस्टम लॉन्च किया है। इस सिस्टम को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि परीक्षा प्रक्रिया सुरक्षित और पारदर्शी बनी रहे, और आवेदक कहीं से भी (रिमोटली) टेस्ट दे सकें।
उप परिवहन आयुक्त आर.सी.एच. श्रीनिवास ने लर्नर्स लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले सभी लोगों से अपील की है कि वे दिए गए निर्देशों का ध्यानपूर्वक पालन करें और बिना किसी गलत तरीके (धोखाधड़ी) का सहारा लिए ऑनलाइन परीक्षा पूरी करें।
यह ऑनलाइन टेस्ट केवल 'सेफ एग्जाम ब्राउज़र' (SEB) के माध्यम से ही दिया जा सकता है। यह ब्राउज़र उम्मीदवारों को परीक्षा के दौरान कोई अन्य वेबसाइट या एप्लिकेशन खोलने से रोकता है। इसके अलावा, आवेदक की पहचान पक्की करने के लिए इस सिस्टम में लाइव वेरिफिकेशन और फेशियल-मैचिंग (चेहरा मिलाने वाली) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
उम्मीदवारों को अपने एप्लिकेशन नंबर, पासवर्ड और जन्म तिथि (DD/MM/YYYY फॉर्मेट में) का उपयोग करके लॉग इन करना होगा। इसके बाद, उन्हें सिस्टम के निर्देशों का पालन करना होगा। लाइव वेरिफिकेशन प्रक्रिया के दौरान, जब सिस्टम कहे, तो उम्मीदवारों को पांच बार मुस्कुराना होगा और पांच बार अपनी पलकें झपकानी होंगी।
यह सिस्टम उम्मीदवार की लाइव कैमरा इमेज की तुलना उस फोटो से करता है जो आवेदन के समय जमा की गई थी। अगर चेहरा मैच नहीं होता है, तो परीक्षा आगे नहीं बढ़ेगी। अगर कोई मोबाइल फोन पर पहले से रिकॉर्ड किया गया वीडियो चलाकर नकल करने की कोशिश करता है, तो सिस्टम उसे पकड़ लेगा और टेस्ट अपने आप रद्द हो जाएगा।
परीक्षा शुरू करने से पहले, आवेदकों को यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि उनका कैमरा, माइक्रोफोन, लाइटिंग और इंटरनेट कनेक्शन ठीक से काम कर रहे हैं। उन्हें ऐसी जगह बैठना चाहिए जहां अच्छी रोशनी हो और उनका चेहरा कैमरे में साफ दिखाई दे। टेस्ट के दौरान किसी भी अनधिकृत डिवाइस का इस्तेमाल करना या किसी अन्य व्यक्ति से मदद लेना पूरी तरह से मना है। इस परीक्षा में 10 प्रश्न होंगे, जिनका उत्तर तय समय के भीतर देना होगा। उम्मीदवार परीक्षा स्क्रीन पर बचे हुए समय को देख सकते हैं।
इस सिस्टम में किसी और के बदले परीक्षा देने (impersonation) को रोकने के लिए सुरक्षा उपाय भी किए गए हैं। अगर परीक्षा के दौरान रजिस्टर्ड आवेदक के अलावा कोई और व्यक्ति सामने आता है, या कैमरे में दो लोग दिखाई देते हैं, तो परीक्षा तुरंत रद्द कर दी जाएगी।
डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर आरसीएच श्रीनिवास ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वे ऑनलाइन परीक्षा प्रक्रिया को अच्छी तरह समझ लें और सभी निर्देशों का सख्ती से पालन करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर आवेदक अपनी तकनीकी व्यवस्थाएं ठीक रखें और ईमानदारी से सवालों के जवाब दें, तो वे बिना किसी परेशानी के परीक्षा पूरी कर सकते हैं।
इस नई पहल से अनावश्यक यात्रा में कमी आने और समय बचने की उम्मीद है। इससे लर्नर लाइसेंस पाने की प्रक्रिया और भी आसान हो जाएगी, खासकर उन लोगों के लिए जो ट्रांसपोर्ट विभाग के कार्यालयों से दूर रहते हैं। डिजिटल सुविधा और सख्त वेरिफिकेशन प्रक्रिया को मिलाकर, विभाग का लक्ष्य अपनी सेवाओं को नागरिकों के लिए और अधिक सुविधाजनक बनाना है, साथ ही परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता को भी बनाए रखना है।