राजमहेंद्रवरम: टूरिज्म स्पेशल चीफ सेक्रेटरी एसएस रावत ने बताया कि केंद्र सरकार ने 2024-25 के लिए 'राज्यों को पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता' (SASCI) योजना के तहत 'अखंड गोदावरी टूरिज्म प्रोजेक्ट' के विकास के लिए 94.44 करोड़ रुपये मंज़ूर किए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार अखंड गोदावरी प्रोजेक्ट का बड़े पैमाने पर विकास कर रही है, जिसका मकसद अगले पांच सालों में आंध्र प्रदेश को देश के प्रमुख टूरिस्ट डेस्टिनेशन में से एक बनाना है।
रावत, एपी टूरिज्म के मैनेजिंग डायरेक्टर पटमशेट्टी रवि सुभाष, पूर्वी गोदावरी ज़िले की कलेक्टर कीर्ति चेकुरी और वरिष्ठ अधिकारियों ने रविवार को राजमुंदरी में हैवलॉक ब्रिज और पुष्कर घाट इलाकों का दौरा किया और प्रस्तावित विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने ज़िले में प्रस्तावित टूरिज्म प्रोजेक्ट्स की फोटो प्रदर्शनी भी देखी।
127 साल पुराने हैवलॉक ब्रिज, जो 2.7 किलोमीटर में फैला है और जिसमें 57 स्पैन हैं, को उसकी ऐतिहासिक विरासत को बचाते हुए एक प्रमुख टूरिस्ट आकर्षण के तौर पर विकसित किया जाएगा।
18 स्पैन को वॉटरफॉल, ग्लास ब्रिज, गेमिंग ज़ोन, स्पेस थीम, क्राफ्ट बाज़ार, हैंगिंग गार्डन, होलोग्राम ज़ू, टाइम-ट्रैवल अनुभव, रेल म्यूज़ियम और एक्वेरियम टनल जैसी सुविधाओं के साथ विकसित करने की योजना बनाई जा रही है।
फूड कोर्ट, आराम करने की जगहें, टॉयलेट, टॉय ट्रेन और सेल्फी पॉइंट भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
हैवलॉक ब्रिज से सटे पुष्कर घाट को आध्यात्मिक टूरिज्म सेंटर के तौर पर विकसित किया जाएगा, जहाँ गोदावरी आरती, पवित्र स्नान और मंदिरों के सौंदर्यीकरण की सुविधाएँ होंगी।
तीर्थयात्रियों और टूरिस्ट्स के लिए साल भर सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी।
ब्रिजलंका को बोटिंग, मेडिटेशन सेंटर, आयुर्वेद और वेलनेस सुविधाओं और प्रकृति-आधारित सुविधाओं के साथ एक इको-फ्रेंडली 'तपोवनम' के तौर पर विकसित किया जाएगा।
अखंड गोदावरी टूरिज्म सर्किट में कडियम नर्सरी, गोदावरी नहरें, सेट्टीपेटा इलाका और निडादावोलु मंडल में समिसरागुडेम के पास गोदावरी नहर भी शामिल होगी। समिसरागुडेम नहर के किनारे लगभग 3.12 मील तक सौंदर्यीकरण और टूरिज्म सुविधाओं के लिए योजनाएँ बनाई जा रही हैं। सरकार ने 2027 के गोदावरी पुष्करम से पहले ज़िले में टूरिज़्म से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास का काम पूरा करने का लक्ष्य भी रखा है। हैवलॉक ब्रिज-पुष्कर घाट वाले हिस्से के मिले-जुले विकास का मकसद राजमुंदरी को एक खास टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनाना है।
इस मौके पर जॉइंट कलेक्टर वाई मेघा स्वरूप, असिस्टेंट कलेक्टर के आदित्य शर्मा, RDO आर शिवरामुडु और के आनंद राव, पुष्कर डिप्टी कलेक्टर महेश, टूरिज़्म रीजनल डायरेक्टर NVVS मूर्ति और इरिगेशन SE जी श्रीनिवास मौजूद थे।