Andhra Pradesh आंध्र प्रदेश : मानसून सीजन शुरू होने के बाद बालू की कमी न हो, इसके लिए खान विभाग ने काम शुरू कर दिया है। जून से नवंबर तक बरसात के दौरान नदियों में बालू का खनन नहीं होगा। इसके साथ ही सभी जिलों में कुल 70 लाख टन बालू भंडारण करने का लक्ष्य रखा गया है। अर्ध मशीनीकृत तरीके से मशीनों से बालू खनन के लिए 38 नए रीच का चयन किया गया है। इनके लिए जनता की राय ली जा चुकी है। खान विभाग ने पर्यावरण मंजूरी के लिए आवेदन कर दिया है। इन्हें मंजूरी मिल गई तो बालू के दामों में और कमी आएगी और उम्मीद है कि संबंधित रीच में खनन की गई बालू का भंडारण मानसून सीजन के लिए हो जाएगा। पिछली सरकार में एक टन बालू 475 रुपये के भाव से बिकता था। उसे बिना सही हिसाब-किताब और बिना ऑनलाइन बिल के लूट लिया जाता था। गठबंधन सरकार आने के बाद मुफ्त बालू नीति लागू की गई। सिर्फ ठेकेदार को बालू खोदने और लोड करने का खर्च और रखरखाव का खर्च देना होता है। इससे बालू के दाम कम हो गए हैं। ज्यादा रीच उपलब्ध होने से बालू की आपूर्ति अधिक मात्रा में हो रही है। पिछले साल जुलाई से इस साल फरवरी तक कुल एक करोड़ टन से अधिक रेत की आपूर्ति की गई।