Andhra Pradesh आंध्र प्रदेश: बापटला जिला पुलिस ने एक 6 महीने के बच्चे के अपहरण मामले को महज 24 घंटे के भीतर सुलझाकर बड़ी सफलता हासिल की है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया और बच्चे को सुरक्षित बरामद कर उसके माता-पिता को सौंप दिया। जिला पुलिस अधीक्षक बी उमामहेश्वर ने शुक्रवार को चिराला के II टाउन पुलिस स्टेशन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस पूरे मामले की जानकारी दी।
एसपी ने बताया कि बच्चे की तलाश के लिए चिराला डीएसपी एमडी मोइन के नेतृत्व में कुल सात विशेष पुलिस टीमें गठित की गई थीं। इन टीमों ने तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल सर्विलांस की मदद से बेहद कम समय में पूरे मामले को सुलझा लिया।
घटना 1 जुलाई की सुबह चिराला के कोट्टापेट क्षेत्र स्थित थ्री रोड्स सेंटर के पास हुई थी। बच्चा अपनी मां के पास प्लेटफॉर्म पर सो रहा था, तभी उसका अपहरण कर लिया गया। बच्चे के माता-पिता आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले के इनाकुडुरु गांव के रहने वाले प्रवासी मजदूर हैं, जो गुजारा करने के लिए वेस्ट पेपर इकट्ठा करने का काम करते हैं। वे कुछ दिन पहले ही चिराला आए थे।
जानकारी के अनुसार, घटना के समय सुबह करीब 5 बजे जब माता-पिता जागे तो बच्चा वहां नहीं था। इसके बाद उन्होंने आसपास खोजबीन की, लेकिन कोई पता नहीं चला। पास की एक दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में एक अज्ञात व्यक्ति बच्चे को ले जाते हुए दिखाई दिया, जिससे अपहरण की पुष्टि हुई।
पुलिस ने तुरंत मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। विभिन्न मार्गों के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला गया और संदिग्ध की गतिविधियों का विश्लेषण किया गया। पुलिस द्वारा उपयोग किए गए 360 CC कैम्स ऐप ने जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे संदिग्ध की पहचान और उसके मूवमेंट को ट्रैक करने में मदद मिली।
लगातार तकनीकी विश्लेषण और फील्ड इनपुट के आधार पर पुलिस ने अपहरण में शामिल चार आरोपियों की पहचान की। इनमें चिराला के दसारी संजीवराव और दसारी श्रीनु तथा कोट्टापेट के कट्टा आदिनारायण और उसकी पत्नी कट्टा तिरुमाला शामिल हैं।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संजीवराव और श्रीनु को चिराला क्षेत्र से गिरफ्तार किया। वहीं दूसरी टीम ने प्रकाशम जिले के तंगुटुरु मंडल के जमुल्लापालेम गांव से दंपति कट्टा आदिनारायण और तिरुमाला को हिरासत में लिया। पूछताछ में सामने आया कि बिना बच्चे वाले इस दंपति ने बच्चे को हासिल करने के लिए साजिश रची थी और उन्होंने अपने जान-पहचान वालों संजीवराव और श्रीनु को पैसे देकर बच्चे को लाने के लिए कहा था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि यह अपहरण पूर्व नियोजित था और इसमें सभी आरोपी किसी न किसी स्तर पर शामिल थे। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
अपहरण के बाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते बच्चा सुरक्षित बरामद कर लिया गया और उसे उसके माता-पिता को सौंप दिया गया। बच्चे को पाकर परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। माता-पिता ने जिला पुलिस अधीक्षक और पूरी टीम का आभार व्यक्त किया।
एसपी बी उमामहेश्वर ने इस सफल ऑपरेशन के लिए डीएसपी एमडी मोइन, सीआई जी सोमशेखर, यू सुधाकर, वी सूर्यनारायण और पूरी पुलिस टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और टीमवर्क की वजह से यह मामला बेहद कम समय में सुलझाया जा सका।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह केस तकनीकी जांच और फील्ड इंटेलिजेंस के बेहतर समन्वय का उदाहरण है। सीसीटीवी नेटवर्क और डिजिटल टूल्स की मदद से पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में बड़ी सफलता मिली।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित किया है कि तेजी से की गई पुलिस कार्रवाई और तकनीक का सही उपयोग अपराधियों को पकड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें।
कुल मिलाकर यह मामला बापटला पुलिस की तेज कार्रवाई, तकनीकी दक्षता और समन्वय का सफल उदाहरण बनकर सामने आया है, जिसमें न केवल अपराधियों को गिरफ्तार किया गया बल्कि मासूम बच्चे को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाया गया।