विजयवाड़ा: आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने गुरुवार को वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) द्वारा दायर एक याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया, जिसमें राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के पूरा होने और अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद ही स्थानीय निकाय चुनाव कराने का निर्देश देने की मांग की गई थी।

मुख्य न्यायाधीश लिसा गिल और न्यायमूर्ति चल्ला गुणरंजन की खंडपीठ ने वाईएसआरसीपी, एसईसी और राज्य सरकार की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। याचिका में 1 जनवरी, 2026 को अर्हता तिथि मानकर विधानसभा मतदाता सूची में स्थानीय चुनाव कराने पर चिंता जताई गई थी।

वाईएसआरसीपी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सुब्रमण्यम श्रीराम ने कहा कि पार्टी चुनाव स्थगित करने की मांग नहीं कर रही है, बल्कि चाहती है कि चुनाव एसआईआर के बाद प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची के आधार पर हों। उन्होंने तर्क दिया कि मौजूदा नामावली के साथ आगे बढ़ने से पात्र मतदाताओं को बाहर किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि नामांकन की अंतिम तिथि तक किए गए सभी बदलावों को पूरक रोल के माध्यम से शामिल करना स्वीकार्य होगा।

श्रीराम ने दावा किया कि एसआईआर के दौरान तैयार किए गए ड्राफ्ट रोल में लगभग 15.22 लाख मृत व्यक्तियों, 7.37 लाख कथित रूप से डुप्लिकेट मतदाताओं और बड़ी संख्या में ऐसे व्यक्तियों के नाम शामिल थे जो स्थायी रूप से पलायन कर गए थे।



Tags: