ओंगोल: ओंगोल की दूसरी अतिरिक्त ज़िला और सत्र अदालत की जज पी. ललिता ने सोमवार को एक व्यक्ति को 2023 में चिराला में मानसिक और शारीरिक रूप से अक्षम महिला के साथ रेप की कोशिश करने के आरोप में 10 साल की सख़्त सज़ा और 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया। अदालत ने ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) को पीड़िता को 5 लाख रुपये की मदद देने के लिए कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया।

बापटला के पुलिस अधीक्षक बी. उमामहेश्वर ने चिराला पुलिस और कानूनी टीम की तारीफ़ की कि उन्होंने मुक़दमे की निगरानी की और कम समय में दोषी को सज़ा दिलवाई।

पुलिस के अनुसार, दिहाड़ी मज़दूर पूला पोलामा 22 अक्टूबर, 2023 को बिरयानी की दुकान पर काम करने गई थीं। उन्होंने अपनी 21 साल की मानसिक और शारीरिक रूप से अक्षम बेटी नागा धनलक्ष्मी को, जो न तो चल-फिर सकती थी और न ही बोल सकती थी, घर पर अपने बेटे के साथ छोड़ दिया था।

उसी दिन शाम 6 बजे, पोलामा का बेटा दौड़ते हुए उनके पास आया और बताया कि एक आदमी उनके घर में घुस आया है और उसकी बहन के साथ बदतमीज़ी कर रहा है। पोलामा तुरंत घर पहुँचीं और देखा कि गुट्टी सीनू ने धनलक्ष्मी के कपड़े उतार दिए थे और कथित तौर पर उसके साथ रेप की कोशिश कर रहा था। पोलामा के शोर मचाने पर वह भाग गया।

पोलामा की शिकायत के आधार पर, चिराला-2 टाउन पुलिस ने मामला दर्ज किया और जाँच शुरू की। पुलिस ने सबूत इकट्ठा किए, सीनू को गिरफ़्तार किया और उसे रिमांड पर लिया। उन्होंने अदालत में चार्जशीट दाख़िल की।

 

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