लाइफ स्टाइल : अगर आपके घर में रोज दूध आता है और आप उसकी मलाई जमा करके देसी घी बनाती हैं, तो आपके लिए दूध से ज्यादा से ज्यादा मलाई निकालना काफी काम की बात हो सकती है। अक्सर लोग दूध को एक बार उबालते हैं, ठंडा करते हैं और ऊपर जमी मलाई निकालकर बाकी दूध इस्तेमाल कर लेते हैं। लेकिन सही तरीका अपनाया जाए तो उसी दूध से दूसरी बार भी हल्की-मोटी मलाई की परत जम सकती है। इसके लिए दूध का फैट अच्छा होना, उबालने और ठंडा करने की तकनीक सही होना बेहद जरूरी है।
हालिया किचन टिप्स में मोटी मलाई के लिए फुल-क्रीम दूध, धीमी आंच पर उबालना, पूरी तरह ठंडा करने के बाद कई घंटे बिना हिलाए फ्रिज में रखना जैसी बातों पर जोर दिया गया है। अगस्त 2026 में चर्चित ‘156 रूल’ में भी दूध को उबालने, ठंडा करने और छह घंटे या रातभर फ्रिज में रखने की प्रक्रिया से मोटी मलाई जमाने की सलाह दी गई।
सबसे पहले सही दूध चुनना जरूरी
अगर आप ज्यादा मलाई चाहती हैं तो सबसे पहले दूध का चुनाव मायने रखता है। टोंड या डबल टोंड दूध की तुलना में फुल-क्रीम दूध में फैट ज्यादा होता है, इसलिए उससे मलाई की मात्रा भी आमतौर पर ज्यादा निकलती है।
अगर घर में भैंस का दूध आता है तो उससे भी काफी मोटी मलाई जम सकती है। वहीं पैकेट वाले दूध में फुल-क्रीम वैरायटी चुनना बेहतर रहेगा।
यहां एक बात समझना जरूरी है कि किसी ट्रिक से दूध के अंदर मौजूद फैट की कुल मात्रा नहीं बढ़ती। पहली और दूसरी बार निकली मलाई उसी दूध में मौजूद फैट का हिस्सा होती है। यानी यह तरीका फैट पैदा नहीं करता, बल्कि बचे हुए फैट को सतह पर दोबारा इकट्ठा करने में मदद कर सकता है।
पहली बार ऐसे जमाएं मोटी मलाई
दूध को किसी चौड़े और मोटे तले वाले बर्तन में डालें। बहुत तेज आंच पर दूध को जल्दबाजी में उबालने के बजाय मध्यम आंच पर गर्म करें।
जब दूध में अच्छा उबाल आ जाए तो गैस धीमी कर दें और करीब 5 से 10 मिनट तक हल्की आंच पर रहने दें। इस प्रक्रिया को मोटी मलाई जमाने के लिए उपयोगी बताया गया है।
अब गैस बंद कर दें।
दूध को तुरंत फ्रिज में न रखें। पहले इसे कमरे के तापमान के करीब आने दें। ऊपर से कसकर ढक्कन लगाने के बजाय जालीदार ढक्कन या छलनी से ढक सकती हैं ताकि बाहरी गंदगी भी न जाए और भाप भी निकलती रहे।
दूध पूरी तरह ठंडा होने के बाद उसे फ्रिज में रख दें।
दूध को फ्रिज में हिलाएं नहीं
मोटी मलाई बनाने का सबसे जरूरी नियम है कि दूध को फ्रिज में रखने के बाद बार-बार हिलाया न जाए।
दूध को कम से कम 6 से 8 घंटे या रातभर बिना छेड़े रखने पर ऊपर फैट की परत बेहतर तरीके से सेट हो सकती है। कुछ किचन टिप्स में 8 से 9 घंटे तक रेफ्रिजरेशन की सलाह भी दी गई है।
अगली सुबह दूध निकालें।
आप देखेंगे कि ऊपर मलाई की परत जमी हुई है। चम्मच या सपाट कलछी की मदद से इसे धीरे-धीरे निकाल लें और अलग साफ डिब्बे में जमा कर लें।
यही आपकी पहली मलाई है।
अब आएगी दूसरी मलाई निकालने की बारी
पहली मलाई निकालने के बाद ज्यादातर लोग दूध को चाय, कॉफी या दूसरी चीजों में इस्तेमाल करना शुरू कर देते हैं।
लेकिन अगर दूध में अभी भी कुछ फैट बचा है तो उसे दोबारा गर्म और ठंडा करके ऊपर एक और परत जमाई जा सकती है।
पहली मलाई निकालने के बाद बचे दूध को फिर से पतीले में डालें।
इसे हल्की से मध्यम आंच पर गर्म करें। एक उबाल आने के बाद गैस धीमी करें और कुछ मिनट हल्का उबलने दें।
इसके बाद गैस बंद कर दें और दूध को फिर से कमरे के तापमान तक ठंडा होने दें।
पूरी तरह ठंडा होने पर इसे दोबारा फ्रिज में रख दें।
करीब 6 घंटे या रातभर रखने के बाद ऊपर एक दूसरी मलाई की परत दिखाई दे सकती है।
ध्यान रहे कि दूसरी परत पहली जितनी मोटी होना जरूरी नहीं है, क्योंकि काफी फैट पहली मलाई में ही निकल चुका होता है।
दूसरी मलाई क्यों जमती है?
दूध में फैट बहुत छोटे-छोटे कणों के रूप में मौजूद होता है। जब दूध स्थिर रहता है तो इनमें से कुछ फैट ऊपर की तरफ आकर परत बना सकता है।
पहली बार ठंडा करने पर काफी हिस्सा ऊपर आ जाता है, लेकिन कुछ फैट दूध में बचा रह सकता है। दोबारा गर्म करने और फिर लंबे समय तक स्थिर ठंडा रखने से उसका कुछ हिस्सा फिर सतह पर इकट्ठा हो सकता है।
इसी वजह से पुराने घरों में घी बनाने के लिए दूध को संभालकर रखने और मलाई को रोज एक डिब्बे में जमा करने की परंपरा रही है।
हर दूध से दो बार मोटी मलाई नहीं निकलेगी
यह ट्रिक हर तरह के दूध पर एक जैसा परिणाम नहीं देगी।
अगर दूध लो-फैट या टोंड है तो पहली मलाई ही काफी पतली हो सकती है। ऐसे में दूसरी बार बहुत कम या लगभग न के बराबर मलाई मिलेगी।
इसी तरह होमोजेनाइज्ड दूध में फैट बहुत छोटे कणों में फैला दिया जाता है, इसलिए उसमें ऊपर परंपरागत मोटी मलाई का जमना कठिन हो सकता है।
फुल-क्रीम और अधिक फैट वाला दूध इस तरीके के लिए ज्यादा अच्छा विकल्प रहता है।
मलाई को रोज ऐसे जमा करें
अगर आपका लक्ष्य घर पर घी बनाना है तो रोज निकली मलाई को साफ और सूखे डिब्बे में जमा करें।
डिब्बा फ्रिज में रखें।
हर दिन की ताजा मलाई उसी में डाल सकती हैं। पर्याप्त मात्रा इकट्ठा होने के बाद इससे मक्खन और फिर घी तैयार किया जा सकता है।
NDTV की पारंपरिक विधि में भी रोज दूध की मलाई निकालकर 5–6 दिनों तक फ्रिज में जमा करने और बाद में उसे मथकर मक्खन निकालने की प्रक्रिया बताई गई है।
हालांकि मलाई में खट्टी या खराब गंध आने लगे तो उससे घी बनाना ठीक नहीं है। स्टोरेज जार साफ और सूखा रखना जरूरी है।
मलाई से मक्खन निकालने का आसान तरीका
जब पर्याप्त मलाई जमा हो जाए तो उसे कुछ देर के लिए फ्रिज से बाहर निकालें ताकि वह बहुत ज्यादा ठंडी न रहे।
फिर मथनी या ब्लेंडर से इसे फेंटें।
जरूरत के हिसाब से थोड़ा ठंडा पानी भी डाला जा सकता है। कुछ देर मथने पर सफेद मक्खन अलग होने लगता है।
मक्खन को निकालकर पानी से धो सकती हैं ताकि उसमें बची छाछ कम हो जाए।
अब इसी मक्खन से देसी घी बनाया जा सकता है।
घी हमेशा धीमी आंच पर पकाएं
निकाले हुए मक्खन को मोटे तले वाली कड़ाही में डालें।
गैस धीमी रखें।
मक्खन धीरे-धीरे पिघलेगा और पानी की मात्रा भाप बनकर निकलने लगेगी। कुछ समय बाद दूध के ठोस कण नीचे बैठने लगेंगे और ऊपर साफ सुनहरा घी दिखाई देगा।
घी बनाते समय बहुत तेज आंच रखने से नीचे मौजूद मिल्क सॉलिड जल सकते हैं और घी का स्वाद व खुशबू खराब हो सकती है। घरेलू घी बनाने की हालिया गाइड भी धीमी आंच पर पकाने की सलाह देती है।
जब घी साफ सुनहरा दिखने लगे और नीचे के कण हल्के सुनहरे हो जाएं तो गैस बंद कर दें।
हल्का ठंडा होने के बाद इसे छानकर साफ और पूरी तरह सूखे कांच के जार में रखें।
दूध में कुछ मिलाने की जरूरत नहीं
सोशल मीडिया पर मलाई मोटी करने के लिए कई तरह की चीजें दूध में मिलाने की ट्रिक्स वायरल रहती हैं, लेकिन सामान्य तौर पर इसकी जरूरत नहीं होती।
मोटी मलाई के लिए तीन चीजें ज्यादा महत्वपूर्ण हैं—अच्छा फैट वाला दूध, सही तरीके से उबालना और लंबे समय तक बिना हिलाए ठंडा करना।
‘156 रूल’ वाली हालिया वायरल ट्रिक में भी दूध में कोई अतिरिक्त चीज मिलाए बिना समय और तापमान की प्रक्रिया पर ही जोर दिया गया है।
गर्म दूध सीधे फ्रिज में न रखें
दूध को जल्दी ठंडा करने के चक्कर में उबलता हुआ बर्तन सीधे फ्रिज में रखने से बचें।
हालिया फूड-सेफ्टी सलाह के मुताबिक बहुत गर्म दूध सीधे फ्रिज में रखने से फ्रिज का अंदरूनी तापमान बढ़ सकता है और आसपास रखे दूसरे खाद्य पदार्थों पर भी असर पड़ सकता है। दूध को उचित तरीके से थोड़ा ठंडा करके ही रेफ्रिजरेट करना बेहतर है।
लेकिन दूध को घंटों कमरे के तापमान पर भी न छोड़ें। जैसे ही उसकी अतिरिक्त गर्मी निकल जाए और वह सुरक्षित रूप से रेफ्रिजरेट करने लायक ठंडा हो जाए, उसे फ्रिज में रख देना चाहिए।
एक आसान तरीका याद रखें
अगर आप घर पर घी बनाती हैं तो तरीका सरल है—फुल-क्रीम दूध लें, सही तरीके से उबालें, ठंडा करें, रातभर फ्रिज में रखें और पहली मलाई निकालें। इसके बाद बचे दूध को दोबारा गर्म करके ठंडा करें और एक बार फिर फ्रिज में स्थिर रख दें।
दूसरी बार बनने वाली मलाई पहली परत जितनी मोटी नहीं भी हो सकती है, लेकिन अधिक फैट वाले दूध में अतिरिक्त मलाई मिल सकती है।
इस तरह रोज थोड़ी-थोड़ी मलाई बचाने पर घी के लिए डिब्बा जल्दी भर सकता है।
बस ध्यान रखें कि यह कोई ऐसी ट्रिक नहीं है जिससे एक ही दूध में फैट दोगुना हो जाएगा। इससे दूध में पहले से मौजूद बची हुई वसा को दूसरी बार सतह पर जमा होने का मौका मिलता है।
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