गिनीज रिकॉर्ड में दर्ज है यह छोटा विमान, बनाने वाले की जिद ने रचा इतिहास
नन्हे पंखों से बनाया बड़ा रिकॉर्ड
लाइफस्टाइल : हवाई जहाज का नाम सुनते ही बड़े पंखों और लंबे आकार वाले विमान की तस्वीर सामने आती है। लेकिन विमानन इतिहास में एक ऐसा हवाई जहाज भी दर्ज है, जिसकी लंबाई महज 8 फीट 10 इंच थी। इसका नाम स्टार बम्बल बी टू है। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की सूची में इसे उड़ान भरने वाला सबसे छोटा विमान बताया गया है। अमेरिकी विमान निर्माता रॉबर्ट एच. स्टार ने इसे डिजाइन किया था। इसका छोटा आकार जितना दिलचस्प है, उतनी ही रोचक इसके निर्माण के पीछे की प्रतिस्पर्धा और रिकॉर्ड हासिल करने की कहानी है।
बम्बल बी टू की लंबाई लगभग 2.69 मीटर थी। इसके पंखों का फैलाव केवल 5 फीट 6 इंच, यानी करीब 1.68 मीटर था। यह लगभग 3 फीट 11 इंच ऊंचा था। इसलिए इसे केवल आठ फीट लंबा कहना अधूरी जानकारी होगी; इसकी सटीक लंबाई आठ फीट दस इंच थी। इस विमान ने 2 अप्रैल 1988 को अमेरिका के एरिजोना स्थित मराना एयरपार्क में पहली उड़ान भरी थी। इसी उड़ान ने छोटे विमानों के इतिहास में इसकी खास पहचान बनाई।
इस उपलब्धि की शुरुआत समझने के लिए रॉबर्ट स्टार के पहले विमान तक लौटना पड़ता है। पीमा एयर एंड स्पेस संग्रहालय के विवरण के मुताबिक, स्टार पहले भी छोटे विमानों के निर्माण और परीक्षण से जुड़े रहे थे। हालांकि, उन्हें लगता था कि अपने योगदान के लिए पर्याप्त पहचान नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने खुद ऐसा विमान बनाने का फैसला किया, जो दुनिया के सबसे छोटे विमान का रिकॉर्ड हासिल कर सके। वर्ष 1979 में उन्होंने बम्बल बी पर काम शुरू किया। डिजाइन और निर्माण में लगभग पांच वर्ष लगे।
उनकी मेहनत के बाद पहला बम्बल बी तैयार हुआ और 28 जनवरी 1984 को उसने उड़ान भरी। इसे दुनिया का सबसे छोटा उड़ान भरने वाला विमान माना गया। लेकिन रिकॉर्ड की यह खुशी लंबे समय तक कायम नहीं रही। उसी वर्ष अगस्त में एक और छोटा विमान सामने आया। इसके बाद सबसे छोटे विमान की प्रतिस्पर्धा में मोनोप्लेन और बाइप्लेन की अलग पहचान महत्वपूर्ण हो गई। स्टार ने आगे चलकर बम्बल बी टू बनाया और 1988 में अपने पहले बाइप्लेन का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया।
इस मुकाबले का दूसरा महत्वपूर्ण नाम डोनाल्ड आर. स्टिट्स था। उन्होंने बेबी बर्ड नाम का छोटा मोनोप्लेन बनाया। गिनीज के अनुसार, इसकी लंबाई 11 फीट और पंखों का फैलाव लगभग 6.25 फीट था। खाली अवस्था में इसका वजन करीब 114.3 किलोग्राम था। इसमें 55 हॉर्सपावर का इंजन लगा था और इसकी अधिकतम गति लगभग 177 किलोमीटर प्रति घंटा बताई गई है। बेबी बर्ड ने 4 अगस्त 1984 को कैलिफोर्निया के कैमरिलो में पहली उड़ान भरी थी। इसे हेरॉल्ड नेमर ने उड़ाया था।
बेबी बर्ड के पीछे भी परिवार और विमानन इतिहास से जुड़ी कहानी थी। डोनाल्ड के पिता रे स्टिट्स ने स्काई बेबी नाम का विमान बनाया था, जिसने 1952 में छोटे विमान के रूप में पहचान हासिल की थी। रॉबर्ट स्टार उनके सहयोगी और परीक्षण पायलट रह चुके थे। डोनाल्ड अपने पिता का रिकॉर्ड वापस हासिल करना चाहते थे। इस तरह छोटे विमान बनाने का प्रयास तकनीकी प्रयोग के साथ व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से भी जुड़ गया। बम्बल बी टू की उपलब्धि के बाद एक गंभीर हादसा हुआ। पांच मई 1988 को विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसमें रॉबर्ट स्टार गंभीर रूप से घायल हुए और विमान नष्ट हो गया। गिनीज का विवरण इसके उड़ान संबंधी अस्थिर व्यवहार का भी उल्लेख करता है। आकार के आधार पर इसकी ऐतिहासिक उपलब्धि कायम है, लेकिन इसे आज उड़ान भर रहे विमान के रूप में प्रस्तुत करना सही नहीं होगा।
इस कहानी में संग्रहालय से जुड़ा एक अंतर भी समझना जरूरी है। पीमा एयर एंड स्पेस संग्रहालय में सुरक्षित विमान मूल बम्बल बी है। रॉबर्ट स्टार ने उसे 1990 में संग्रहालय को दान किया था। वह रिकॉर्ड बनाने वाला बाद का बम्बल बी टू नहीं है। दोनों के नाम मिलते-जुलते होने से भ्रम हो सकता है, लेकिन उनका आकार और इतिहास अलग है। छोटे विमान बनाने की इस होड़ ने विमानन इतिहास में ऐसे प्रयोग दर्ज किए, जिनमें उपलब्धि, प्रतिस्पर्धा और जोखिम तीनों शामिल थे।