मांड से त्वचा की देखभाल करने का सोच रहे हैं? इन बातों का रखें ध्यान
मांड से फेस सीरम बनाने से पहले जान लें फायदे
लाइफस्टाइल: चावल पकाने के बाद बचने वाला मांड त्वचा की देखभाल के घरेलू नुस्खों में इस्तेमाल किया जाता है। इसे चेहरे पर लगाने और इससे सीरम बनाने के दावे भी किए जाते हैं। हालांकि, मांड लगाने से कुछ ही दिनों में त्वचा खिल उठेगी या दाग-धब्बे खत्म हो जाएंगे, इसकी गारंटी नहीं दी जा सकती। चावल के पानी पर कुछ शुरुआती शोध उपलब्ध हैं, लेकिन प्रयोगशाला में तैयार उत्पाद के नतीजों को घर के मांड पर सीधे लागू करना सही नहीं होगा।
मांड और फेस सीरम में समझें अंतर
चावल उबालने के बाद बचा स्टार्चयुक्त पानी सामान्य तौर पर मांड कहलाता है। इसकी गाढ़ी बनावट देखकर इसे तैयार फेस सीरम जैसा समझ लेना उचित नहीं है। त्वचा पर लंबे समय तक लगाए जाने वाले उत्पाद में सामग्री की मात्रा, अम्लीयता, स्थिरता और सूक्ष्मजीवों से सुरक्षा जैसे पहलुओं का ध्यान रखना पड़ता है।
मांड में एलोवेरा, गुलाबजल या दूसरी सामग्री मिला देने से उसकी सुरक्षा और प्रभावशीलता प्रमाणित नहीं हो जाती। घर पर तैयार मिश्रण की सुरक्षित उपयोग-अवधि भी बिना परीक्षण तय नहीं की जा सकती। पानी वाले कॉस्मेटिक उत्पादों में हानिकारक सूक्ष्मजीवों की वृद्धि स्वास्थ्य संबंधी समस्या पैदा कर सकती है।
त्वचा के लिए क्या कहते हैं शोध?
वर्ष 2018 में प्रकाशित एक अध्ययन में चावल के पानी की एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि और त्वचा की देखभाल में उसकी संभावित उपयोगिता का परीक्षण किया गया था। शोधकर्ताओं ने चावल के पानी को एक विशेष हाइड्रोजेल फॉर्मूले में शामिल किया। इसके बाद तैयार उत्पाद के गुणों और त्वचा के साथ उसकी अनुकूलता का आकलन किया गया।
यह अध्ययन चावल के पानी को संभावित कॉस्मेटिक सामग्री के रूप में देखने का आधार देता है। लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि रसोई में तैयार मांड झुर्रियां, मुंहासे या पिग्मेंटेशन ठीक कर देगा। शोध में इस्तेमाल फॉर्मूले और घरेलू मिश्रण की संरचना अलग हो सकती है। इसलिए तत्काल निखार के दावे को स्थापित परिणाम की तरह प्रस्तुत नहीं करना चाहिए।
घर पर इस्तेमाल करना चाहें तो क्या ध्यान रखें?
यदि कोई व्यक्ति घरेलू प्रयोग करना चाहता है, तो साफ हाथों, साफ बर्तन और बिना नमक-मसाले वाले ताजे मांड का उपयोग करना अधिक सावधानीपूर्ण तरीका होगा। गर्म मांड सीधे चेहरे पर न लगाएं। उसे पूरी तरह ठंडा होने दें। शुरुआत में पूरे चेहरे पर लगाने के बजाय त्वचा के छोटे हिस्से पर प्रतिक्रिया देखें।
इसे आजमाना त्वचा के उपचार की जरूरत नहीं है। संवेदनशील, पहले से लाल या जली हुई त्वचा पर नया घरेलू मिश्रण लगाने से बचना बेहतर है। आंखों के आसपास और खुले घाव पर भी प्रयोग न करें। मांड को रातभर चेहरे पर छोड़ने या रोज कई बार लगाने की कोई प्रमाणित आवश्यकता नहीं है।
एक बार की जांच पूरी सुरक्षा नहीं बताती
नया त्वचा उत्पाद इस्तेमाल करने से पहले छोटे हिस्से पर परीक्षण उपयोगी होता है। त्वचा विशेषज्ञों की सामान्य सलाह के अनुसार, तैयार स्किनकेयर उत्पाद को बांह के अंदरूनी हिस्से जैसे स्थान पर सात से दस दिन तक आजमाकर प्रतिक्रिया देखी जा सकती है। केवल कुछ मिनट तक जलन न होने का मतलब यह नहीं कि आगे एलर्जी नहीं होगी।
यह सामान्य सलाह घरेलू मांड की भंडारण-अवधि प्रमाणित नहीं करती। हर बार अलग तरीके से बने मिश्रण की संरचना भी बदल सकती है। लालिमा, खुजली, सूजन या जलन होने पर उसे धोकर इस्तेमाल बंद कर दें। समस्या बनी रहे तो त्वचा विशेषज्ञ से संपर्क करें।
बनाकर कई दिनों तक रखने से बचें
मांड को बोतल में भरकर कई दिनों तक सीरम की तरह इस्तेमाल करने की सलाह देना उचित नहीं है। फ्रिज में रखने से भी बिना परीक्षण उसकी सुरक्षित अवधि तय नहीं होती। साफ दिखने वाला मिश्रण जरूरी नहीं कि सूक्ष्मजीवों से मुक्त हो। किसी तैयार क्रीम या सीरम में मांड मिलाने से उसके संरक्षण की व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है।
त्वचा की देखभाल में किसी नए नुस्खे का मूल्यांकन उसकी लोकप्रियता से अधिक अपनी त्वचा की प्रतिक्रिया के आधार पर करना चाहिए। मांड को निश्चित असर वाला उपचार मानने के बजाय सीमित प्रमाण वाला घरेलू प्रयोग समझें। लंबे समय से दाग, मुंहासे या खुजली की समस्या हो तो कारण के अनुसार देखभाल चुनना अधिक उपयोगी रहेगा।