Life Style लाइफ स्टाइल । मसूड़ों में सूजन एक आम समस्या है, लेकिन कई बार यह इतनी परेशान करने वाली हो जाती है कि सामान्य खाना-पीना भी मुश्किल लगने लगता है। मसूड़ों में दर्द, लालिमा, संवेदनशीलता और ब्रश करते समय खून आना इसके प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं। शुरुआती स्तर पर लोग अक्सर राहत के लिए घरेलू उपाय अपनाते हैं। इसी बीच आचार्य बालकृष्ण ने सोशल मीडिया के जरिए मसूड़ों की समस्या से राहत पाने का एक घरेलू तरीका बताया है। उन्होंने गुनगुने पानी में नींबू का रस और थोड़ा नमक मिलाकर कुल्ला करने की सलाह दी है।
मसूड़ों में सूजन होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। दांतों और मसूड़ों की ठीक से सफाई नहीं होने पर प्लाक जमा हो सकता है। लंबे समय तक प्लाक बने रहने से मसूड़ों में जलन और सूजन की समस्या बढ़ सकती है। इसके अलावा बहुत जोर से ब्रश करना, मुंह की साफ-सफाई पर ध्यान नहीं देना और कुछ अन्य दंत समस्याएं भी मसूड़ों से खून आने या सूजन का कारण बन सकती हैं।
आचार्य बालकृष्ण द्वारा बताए गए घरेलू उपाय में गुनगुने पानी का इस्तेमाल किया जाता है। उनके मुताबिक, इसमें नींबू का रस और थोड़ा सा नमक मिलाकर कुल्ला किया जा सकता है। हालांकि किसी भी घरेलू नुस्खे को बीमारी का पक्का इलाज मानने के बजाय केवल अस्थायी राहत के उपाय के रूप में देखना बेहतर है।
नमक मिले गुनगुने पानी से कुल्ला करना मुंह की सामान्य देखभाल में इस्तेमाल किया जाने वाला एक जाना-पहचाना तरीका है। इससे कुछ लोगों को मसूड़ों की तकलीफ में अस्थायी राहत महसूस हो सकती है। लेकिन यहां नींबू के इस्तेमाल को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है। नींबू काफी अम्लीय होता है और इसका बार-बार या अधिक मात्रा में इस्तेमाल दांतों के इनेमल को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए नींबू वाले पानी को लंबे समय तक मुंह में रखने या इसे नियमित दंत उपचार का विकल्प मानने से बचना चाहिए।
मसूड़ों में सूजन होने पर सबसे महत्वपूर्ण है मुंह की साफ-सफाई बनाए रखना। दिन में दो बार मुलायम ब्रिसल वाले टूथब्रश से धीरे-धीरे ब्रश करना चाहिए। बहुत जोर से ब्रश करने से मसूड़ों को नुकसान पहुंच सकता है और ब्लीडिंग बढ़ सकती है। दांतों के बीच फंसे भोजन और प्लाक को साफ करने के लिए उचित तरीके से फ्लॉस या दंत चिकित्सक द्वारा सुझाए गए इंटरडेंटल क्लीनिंग विकल्प का इस्तेमाल किया जा सकता है।
अगर मसूड़ों से ब्रश करते समय बार-बार खून निकलता है तो इसे केवल सामान्य समस्या समझकर लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लगातार ब्लीडिंग और सूजन मसूड़ों की बीमारी का संकेत हो सकती है। शुरुआती अवस्था में समस्या को पहचानकर उचित देखभाल करने से इसे गंभीर होने से रोका जा सकता है।
खान-पान का ध्यान रखना भी जरूरी है। बहुत ज्यादा मीठे खाद्य पदार्थ और पेय पदार्थ दांतों पर प्लाक बनने की समस्या बढ़ा सकते हैं। पर्याप्त पानी पीना और संतुलित भोजन लेना ओरल हेल्थ के लिए फायदेमंद है। धूम्रपान और तंबाकू का इस्तेमाल भी मसूड़ों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक माना जाता है।
घरेलू उपाय अपनाते समय यह समझना जरूरी है कि हर व्यक्ति की समस्या और उसका कारण अलग हो सकता है। यदि मसूड़ों की सूजन हल्की है और कुछ समय में कम हो जाती है तो नियमित ओरल हाइजीन से स्थिति बेहतर हो सकती है। लेकिन यदि सूजन लगातार बनी हुई है, दर्द बढ़ रहा है, मसूड़ों से बार-बार खून आ रहा है, पस दिखाई दे रही है, सांस से लगातार दुर्गंध आ रही है या दांत ढीले महसूस हो रहे हैं तो डेंटिस्ट से जांच कराना जरूरी है।
कई बार लोग दर्द या सूजन कम होने के बाद दंत चिकित्सक के पास जाने की जरूरत नहीं समझते। लेकिन मसूड़ों से जुड़ी समस्याएं धीरे-धीरे बढ़ सकती हैं। समय पर जांच होने से यह पता लगाया जा सकता है कि समस्या केवल सामान्य सूजन है या इसके पीछे जिंजिवाइटिस अथवा मसूड़ों से संबंधित दूसरी बीमारी मौजूद है।
आचार्य बालकृष्ण द्वारा बताया गया गुनगुने पानी, नींबू और नमक वाला उपाय कुछ लोगों को अस्थायी राहत दे सकता है, लेकिन नींबू की अम्लीय प्रकृति के कारण इसका इस्तेमाल सावधानी से किया जाना चाहिए। मसूड़ों की अच्छी सेहत के लिए नियमित सफाई, सही तरीके से ब्रश करना और जरूरत पड़ने पर डेंटिस्ट से सलाह लेना सबसे महत्वपूर्ण है। लंबे समय तक बनी रहने वाली सूजन या ब्लीडिंग को केवल घरेलू उपायों के भरोसे छोड़ना उचित नहीं है।