फिरोजाबाद: उत्तर प्रदेश की सुहाग नगरी फिरोजाबाद अपनी रंग-बिरंगी चूड़ियों के लिए देशभर में प्रसिद्ध है, लेकिन इस शहर की पहचान सिर्फ चूड़ियों तक सीमित नहीं है। यहां के देसी स्वाद, पारंपरिक व्यंजन और स्ट्रीट फूड भी लोगों को खूब आकर्षित करते हैं।
फिरोजाबाद की गलियों में सुबह की शुरुआत गर्मागर्म कचौड़ी और जलेबी से होती है, तो शाम होते-होते चाट की दुकानों पर लोगों की भीड़ नजर आती है।
सुबह की कचौड़ी और जलेबी का स्वाद
फिरोजाबाद में सुबह के नाश्ते में कचौड़ी-सब्जी और जलेबी का खास महत्व है। मसालेदार आलू की सब्जी के साथ कुरकुरी कचौड़ी का स्वाद स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले लोगों को भी पसंद आता है।
यहां की दुकानों पर सुबह से ही नाश्ते के लिए लंबी कतारें लग जाती हैं।
शाम की टिक्की चाट का अलग अंदाज
शाम के समय शहर की गलियों में टिक्की चाट, गोलगप्पे और दही बड़े का स्वाद लेने वालों की भीड़ जुटती है। आलू की कुरकुरी टिक्की, खट्टी-मीठी चटनी और मसालों का मेल इसे खास बनाता है।
स्थानीय दुकानदार पीढ़ियों से चले आ रहे अपने स्वाद को आज भी बरकरार रखे हुए हैं।
मिठाइयों की भी है खास पहचान
फिरोजाबाद में पारंपरिक मिठाइयों की भी अच्छी पहचान है। यहां के पेड़े, जलेबी और अन्य मिठाइयां त्योहारों और खास मौकों पर खूब पसंद की जाती हैं।
चूड़ियों के शहर में बसता है स्वाद
कांच की चूड़ियों के कारोबार के लिए मशहूर फिरोजाबाद में खानपान भी शहर की संस्कृति का अहम हिस्सा है। यहां के बाजारों में घूमते हुए लोग खरीदारी के साथ-साथ देसी व्यंजनों का आनंद लेना नहीं भूलते।
सुहाग नगरी की यही खासियत है कि यहां रंगों की चमक के साथ स्वाद की मिठास भी देखने को मिलती है।
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