लाइफस्टाइल। शारदीय नवरात्रि के दौरान श्रद्धालु मां दुर्गा की आराधना करने के साथ व्रत भी रखते हैं। व्रत के दिनों में खानपान का विशेष ध्यान रखना जरूरी होता है। लंबे समय तक खाली पेट रहने के बाद लोग ऐसी चीजें खाना पसंद करते हैं, जो स्वादिष्ट होने के साथ आसानी से पच जाएं और शरीर को ऊर्जा भी दें। ऐसे में समक चावल की खीर एक अच्छा विकल्प हो सकती है। यह खीर स्वाद में लाजवाब होती है और इसे बनाने में ज्यादा समय भी नहीं लगता। दूध, समक चावल, इलायची और सूखे मेवों से तैयार होने वाली यह मिठाई व्रत खोलने के लिए पसंद की जाती है।
नवरात्रि के दौरान कई घरों में फलाहारी भोजन तैयार किया जाता है। इसमें साबूदाना खिचड़ी, कुट्टू के आटे की पूड़ी, सिंघाड़े के आटे का हलवा, मखाने की खीर और समक चावल से बनी चीजें शामिल होती हैं। अगर आप रोजाना एक जैसा फलाहार खाकर बोर हो गए हैं और कुछ मीठा बनाना चाहते हैं, तो समक चावल की खीर ट्राई कर सकते हैं। इसे तैयार करना बेहद आसान है और इसके लिए बहुत ज्यादा सामग्री की जरूरत भी नहीं पड़ती।
समक चावल को कई जगहों पर सामा के चावल, सांवा या व्रत वाले चावल के नाम से भी जाना जाता है। यह सामान्य चावल नहीं, बल्कि एक प्रकार का छोटा अनाज है, जिसका इस्तेमाल व्रत के दौरान किया जाता है। इसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं, जबकि दूध से प्रोटीन और कैल्शियम मिलता है। हालांकि, खीर खाने के बाद कितनी देर तक भूख नहीं लगेगी, यह उसकी मात्रा और व्यक्ति की जरूरतों पर निर्भर करता है।
 समक चावल की खीर बनाने के लिए जरूरी सामग्री
समक चावल की खीर
| सामग्री | मात्रा |
| समक चावल | आधा कप |
| फुल क्रीम दूध | 1 लीटर |
| चीनी या गुड़ | स्वादानुसार |
| इलायची पाउडर | आधा छोटा चम्मच |
| काजू | 8 से 10 |
| बादाम | 8 से 10 |
| पिस्ता | 5 से 6 |
| किशमिश | 1 बड़ा चम्मच |
| घी | 1 छोटा चम्मच (वैकल्पिक) |
| केसर | कुछ धागे (वैकल्पिक) |
 समक चावल की खीर बनाने की आसान विधि
सबसे पहले आधा कप समक चावल को साफ पानी से दो से तीन बार धो लें। इसके बाद चावल को लगभग 10 से 15 मिनट तक पानी में भिगोकर रखें। इससे चावल जल्दी पकते हैं और खीर का टेक्सचर अच्छा बनता है।अब एक भारी तले वाली कड़ाही या पैन में दूध डालकर मध्यम आंच पर गर्म करें। दूध में उबाल आने के बाद भीगे हुए समक चावल का पानी निकालकर दूध में डाल दें।इसके बाद गैस की आंच धीमी कर दें और चावल को दूध में पकने दें। बीच-बीच में चम्मच चलाते रहें, ताकि खीर बर्तन के तले में चिपके नहीं।करीब 15 से 20 मिनट में समक चावल नरम होने लगेंगे और दूध भी थोड़ा गाढ़ा हो जाएगा। इसके बाद खीर में चीनी डालकर अच्छी तरह मिलाएं।अब इसमें इलायची पाउडर, कटे हुए काजू, बादाम, पिस्ता और किशमिश डाल दें। यदि आप खीर को और खुशबूदार बनाना चाहते हैं, तो इसमें केसर के कुछ धागे भी मिला सकते हैं।सभी सामग्री को तीन से पांच मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं। जब खीर मनचाही गाढ़ी हो जाए, तो गैस बंद कर दें।आपकी स्वादिष्ट समक चावल की खीर तैयार है। इसे गर्म या ठंडा, दोनों तरह से परोसा जा सकता है।
कुल समय: लगभग 30 से 40 मिनट, जिसमें चावल भिगोने का समय भी शामिल है।
 व्रत में समक चावल की खीर खाने के फायदे
समक चावल की खीर में कार्बोहाइड्रेट, दूध से मिलने वाला प्रोटीन और सूखे मेवों के पोषक तत्व मौजूद होते हैं। व्रत के दौरान इसका सेवन शरीर को ऊर्जा देने में मदद कर सकता है।दूध में कैल्शियम और प्रोटीन पाया जाता है, जबकि बादाम, काजू और पिस्ता में वसा तथा अन्य पोषक तत्व होते हैं। इन सामग्रियों के कारण खीर साधारण मीठे पेय की तुलना में अधिक पेट भरने वाली हो सकती है।समक चावल में कुछ मात्रा में फाइबर भी पाया जाता है। हालांकि, खीर में डाली गई चीनी और सूखे मेवों की मात्रा के अनुसार इसकी कैलोरी बदल सकती है।अगर आप व्रत खोलने के बाद बहुत ज्यादा भारी भोजन नहीं करना चाहते, तो खीर की छोटी कटोरी से शुरुआत कर सकते हैं।
 खीर को स्वादिष्ट बनाने के खास टिप्स
समक चावल की खीर बनाते समय कुछ छोटी बातों का ध्यान रखने से इसका स्वाद और बनावट बेहतर हो सकती है।
- खीर को हमेशा धीमी या मध्यम आंच पर पकाएं, ताकि दूध जले नहीं।
- ज्यादा गाढ़ी खीर पसंद हो तो दूध को कुछ देर अतिरिक्त पकाएं।
- चीनी कम रखना चाहते हैं तो स्वाद के अनुसार इसकी मात्रा घटाएं।
- गुड़ डालना हो तो खीर को थोड़ा ठंडा करने के बाद मिलाएं, क्योंकि बहुत गर्म दूध में गुड़ डालने से दूध फट सकता है।
- सूखे मेवों को हल्का भूनकर डालने से स्वाद बढ़ सकता है।
- खीर ठंडी होने पर गाढ़ी हो जाती है, इसलिए जरूरत पड़ने पर थोड़ा दूध मिला सकते हैं।
 व्रत खोलते समय किन बातों का रखें ध्यान?
लंबे समय तक व्रत रखने के बाद एक साथ बहुत ज्यादा भोजन करने से पेट भारी लग सकता है। इसलिए व्रत खोलते समय भोजन की मात्रा का ध्यान रखना चाहिए।समक चावल की खीर मीठी होती है, इसलिए इसमें चीनी का इस्तेमाल संतुलित मात्रा में करें। डायबिटीज वाले लोगों को विशेष रूप से इसकी मात्रा और कार्बोहाइड्रेट का ध्यान रखना चाहिए।यदि व्रत के दौरान पानी कम पिया है, तो शरीर में पर्याप्त तरल की पूर्ति करना भी जरूरी है। केवल खीर खाने को संतुलित भोजन का विकल्प नहीं मानना चाहिए।नवरात्रि में व्रत के नियम परिवार और परंपरा के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए खीर में उन्हीं सामग्रियों का उपयोग करें, जिनका सेवन आपके व्रत में मान्य है।समक चावल की खीर उन लोगों के लिए एक आसान और स्वादिष्ट फलाहारी विकल्प है, जो नवरात्रि के दौरान कुछ मीठा बनाना चाहते हैं। कम सामग्री और साधारण विधि से तैयार होने वाली इस खीर को परिवार के सभी सदस्य पसंद कर सकते हैं।
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