नई दिल्ली: कोरोना महामारी के बाद वर्क फ्रॉम होम और रिमोट वर्क कॉर्पोरेट दुनिया का अहम हिस्सा बन गए। कर्मचारियों ने घर से काम करने के साथ ऑफिस के बाहर से भी अपनी जिम्मेदारियां संभालना शुरू किया। अब इसी बदलते वर्क कल्चर के बीच एक नया ट्रेंड चर्चा में है, जिसे ‘Hush Trips’ कहा जा रहा है। इसमें कर्मचारी अपने बॉस या कंपनी को बताए बिना किसी दूसरी जगह की यात्रा पर चले जाते हैं और वहीं से ऑनलाइन काम करते रहते हैं।

‘Hush Trip’ का सीधा मतलब ऐसी यात्रा से है, जिसके बारे में कर्मचारी अपने मैनेजर या ऑफिस को जानकारी नहीं देता। कर्मचारी आधिकारिक रूप से छुट्टी नहीं लेता और सामान्य दिनों की तरह ऑनलाइन मीटिंग, ईमेल और दूसरे काम करता रहता है। फर्क सिर्फ इतना होता है कि वह अपने घर या नियमित वर्क लोकेशन की जगह किसी होटल, रिजॉर्ट या पर्यटन स्थल से काम कर रहा होता है।
रिमोट वर्क की सुविधा ने कर्मचारियों के लिए ऐसी यात्राओं को आसान बनाया है। लैपटॉप, इंटरनेट और ऑनलाइन मीटिंग प्लेटफॉर्म की मदद से कई तरह के काम कहीं से भी किए जा सकते हैं। ऐसे में कुछ कर्मचारी काम और घूमने को एक साथ मैनेज करने के लिए Hush Trips का रास्ता अपना रहे हैं।
यह ट्रेंड खासकर उन नौकरियों में संभव है, जहां कर्मचारी को रोजाना ऑफिस पहुंचने की जरूरत नहीं होती। लोग सुबह या दिन के निर्धारित समय में अपना ऑफिस का काम पूरा करते हैं और खाली समय में नई जगह घूमते हैं। इस तरह बिना आधिकारिक छुट्टी लिए वे यात्रा का आनंद लेने की कोशिश करते हैं।
हालांकि Hush Trips जितने आकर्षक दिखाई देते हैं, उनके साथ कई तरह की परेशानियां भी जुड़ी हो सकती हैं। अगर किसी कंपनी ने कर्मचारी के लिए निश्चित वर्क लोकेशन तय की है तो बिना जानकारी दिए दूसरी जगह से काम करना कंपनी की पॉलिसी के खिलाफ हो सकता है। इसके अलावा इंटरनेट कनेक्टिविटी, डेटा सुरक्षा और अचानक होने वाली ऑफिस मीटिंग जैसी परिस्थितियां मुश्किल खड़ी कर सकती हैं।
किसी दूसरी जगह या देश से काम करने पर मामला और जटिल हो सकता है। कंपनी की साइबर सिक्योरिटी पॉलिसी, डेटा एक्सेस और कर्मचारियों की लोकेशन से जुड़े नियम अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए बिना जानकारी दिए लंबी यात्रा पर जाकर काम करना हर कर्मचारी के लिए आसान विकल्प नहीं है।
Hush Trips और ‘वर्केशन’ में भी एक महत्वपूर्ण अंतर है। वर्केशन में आमतौर पर कर्मचारी कंपनी या मैनेजर को जानकारी देकर किसी दूसरी जगह से काम करता है। वहीं Hush Trip में कर्मचारी अपनी यात्रा की जानकारी ऑफिस से छिपाकर रखता है और ऐसा दिखाता है कि वह सामान्य स्थान से ही काम कर रहा है।
कॉर्पोरेट वर्क कल्चर में लचीलेपन के साथ ऐसे नए ट्रेंड सामने आ रहे हैं। कर्मचारियों के लिए Hush Trips काम और यात्रा को एक साथ जोड़ने का तरीका जरूर बन सकता है, लेकिन इसे अपनाने से पहले कंपनी की रिमोट वर्क पॉलिसी और सुरक्षा नियमों को समझना जरूरी है।
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