जयपुर। भारत के कई हिस्सों में लगातार जारी गर्मी का असर लोगों की सेहत पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। राजस्थान के कई जिलों में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जिससे आम लोगों के साथ स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी चिंतित हैं। भीषण गर्मी के कारण शरीर में डिहाइड्रेशन, उल्टी, मतली और कमजोरी जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। गर्म हवा और तेज धूप के चलते लोगों को लू लगने का खतरा भी बढ़ गया है। विशेषज्ञों के अनुसार किसी इलाके में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या इससे अधिक होने पर और वहां चलने वाली गर्म हवा को लू कहा जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।
लू और अत्यधिक गर्मी से बचाव के लिए आम तौर पर लोग ठंडा पानी पीते हैं, कूलर और एयर कंडीशनर का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इसके साथ-साथ योग और प्राणायाम जैसी फिजिकल एक्टिविटी भी शरीर को नेचुरली ठंडा रखने में मदद कर सकती है। योग विशेषज्ञों का कहना है कि गहरी सांस लेना और प्राणायाम के नियमित अभ्यास से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है और गर्मी के प्रभाव को कम किया जा सकता है। कुछ योगासन जैसे शितली प्राणायाम और भ्रामरी प्राणायाम गर्मी में राहत देने के लिए विशेष रूप से फायदेमंद हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के दिनों में हल्के और ढीले कपड़े पहनना, पर्याप्त पानी पीना और बाहर निकलते समय सिर और चेहरे को ढककर रखना बेहद जरूरी है। साथ ही, दोपहर के समय तेज धूप में बाहर निकलने से बचना चाहिए, क्योंकि इस दौरान लू लगने का खतरा सबसे अधिक होता है। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को खास सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि यह समूह गर्मी से अधिक प्रभावित होता है।
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार अगले कुछ दिनों में राजस्थान और आसपास के राज्यों में तापमान सामान्य से अधिक बना रह सकता है। इसके चलते स्वास्थ्य अधिकारियों ने नागरिकों को लू और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। शहरों में लोगों को ठंडा पानी, नींबू पानी, फलों और तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाने की भी सलाह दी गई है।
साथ ही, योग और प्राणायाम के नियमित अभ्यास से शरीर में सर्कुलेशन और मेटाबॉलिज़्म बेहतर रहता है, जिससे गर्मी का असर कम होता है। योग विशेषज्ञों का कहना है कि सुबह और शाम के समय हल्की फिजिकल एक्टिविटी करना फायदेमंद होता है। इसके अलावा, पर्याप्त नींद और पोषणयुक्त भोजन भी शरीर को गर्मी से बचाने में मदद करता है।