जनता से रिश्ता वेबडेस्क। आज के जमाने में बेईमानी का बोलबाला है. एक कहावत चल पड़ी है कि अब तो इंसानों में भी मिलावट होने लगी है. आपके किचन की कई ऐसी चीजें हैं, जिनमें मिलावट आम है. चाहे वह धनिया हो, मिर्च हो, हल्दी हो या जीरा हो. किचन के ज्यादातर सामानों में मिलावट होती है. काली मिर्च भी उन्हीं में से एक है जिसमें मिलावट करने में आसानी होती है. काली मिर्च में अमूमन पपीते के बीज या घटिया ब्लैक बेरी मिलाए जाते हैं. काली मिर्च का इस्तेमाल कई चीजों में किया जाता है. मसालों के अलावा यह चाय बनाने में भी काम आता है. इसके अलावा काली मिर्च में कई तरह को औषधीय गुण भी पाए जाते हैं जिसके कारण इसका इस्तेमाल कई बीमारियों के इलाज में किया जाता है. सर्दी-खांसी में काली मिर्च बहुत फायदेमंद है. काली मिर्च पाचन ठीक रखता है और वजन कम करने में भी सहायक है. इसमें ऐसे तत्व होते हैं जो कैंसर से हमारी रक्षा करते हैं. इतने गुणकारी काली मिर्च में अगर नकली चीजें मिलाई जाती है, तो इसका कितना नुकसान होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है. काली मिर्च में मिलावट की पहचान के लिए भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने साधारण जांच करने का तरीका बताया है. एफएसएसआई ने ट्विटर पर इसके टिप्स बताए हैं.

जांच का तरीका
सबसे पहले काली मिर्च के कुछ दानों को साफ टेबल पर रख दें.
इसके बाद काली मिर्च के दाने को उंगलियों से दबाएं.
अगर काली मिर्च असली नहीं है और इसमें ब्लैक बेरी मिले हुए हैं, तो यह आसानी जल्दी दब जाएंगी.
अगर काली मिर्च में ब्लैक बेरी की मिलावट नहीं है, तो यह आसानी से नहीं दबेगी.
जांच का दूसरा तरीका
काली मिर्च में मिलावट जांचने के लिए एक ग्लास में अल्कोहल लें. इसमें काली मिर्च के दाने को छोड़ दें. यदि पांच मिनट बाद भी कुछ बीज तैरते रहे तो उसमें पपीते के बीज या काली मिर्च के खोखले मिर्च की मिलावट की गई है. अब यहां सवाल उठता है कि पपीते के बीज और काली मिर्च के खोखले बीजों में अंतर क्या है. अगर बीज उंगलियों से दबाने से टूट जाए तो वे खोखले बीज हैं. अगर नहीं तो वे पपीते के बीज हैं.


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