चावल भारतीय घरों में लगभग रोज बनने वाले खाने में शामिल है। कई लोग चावल को अधिक पानी में उबालकर पकाते हैं और बाद में उसका अतिरिक्त पानी यानी मांड निकाल देते हैं। आमतौर पर यह पानी सीधे सिंक में फेंक दिया जाता है। लेकिन थोड़ी समझदारी दिखाई जाए तो यही चावल का मांड रसोई के कई काम आसान कर सकता है। इसके कुछ देसी इस्तेमाल जानने के बाद आप इसे बार-बार फेंकने से पहले जरूर सोचेंगे।
चावल पकाने के बाद निकला मांड स्टार्च वाला पानी होता है। अगर इसमें नमक या मसाले नहीं डाले गए हैं तो इसे कई घरेलू कामों में इस्तेमाल किया जा सकता है। सबसे आसान तरीका इसे आटा गूंथने में उपयोग करना है। सामान्य पानी की जगह ठंडा किया हुआ चावल का मांड इस्तेमाल करके आटा गूंथा जा सकता है। इससे पानी भी बर्बाद नहीं होगा और बची हुई चीज का दोबारा उपयोग हो जाएगा।
मांड का इस्तेमाल दाल या सब्जी की ग्रेवी को थोड़ा गाढ़ा करने के लिए भी किया जा सकता है। कई बार सब्जी बनाते समय ग्रेवी बहुत पतली हो जाती है। ऐसे में थोड़ी मात्रा में चावल का मांड डालने से उसकी बनावट गाढ़ी की जा सकती है। हालांकि इसे एक साथ ज्यादा डालने के बजाय जरूरत के अनुसार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में डालना बेहतर रहता है।
सूप बनाने में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर घर में सब्जियों का सूप बनाया जा रहा है तो सामान्य पानी के साथ थोड़ी मात्रा में चावल का मांड मिलाया जा सकता है। इसमें मौजूद स्टार्च सूप की बनावट को थोड़ा गाढ़ा करने में मदद करता है। स्वाद बनाए रखने के लिए यह ध्यान रखना जरूरी है कि मांड बहुत पुराना न हो।
किचन में एक और आसान जुगाड़ बर्तन साफ करने से जुड़ा है। ताजा और हल्का गर्म स्टार्च वाला पानी कुछ बर्तनों को भिगोने के काम आ सकता है। बाद में उन्हें सामान्य डिशवॉश से साफ किया जा सकता है। हालांकि बहुत ज्यादा चिकनाई वाले बर्तनों के लिए केवल मांड पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।
अगर चावल बिना नमक और मसाले के पकाए गए हैं तो पूरी तरह ठंडे किए गए मांड को कुछ पौधों के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन इसे पौधों में डालने से पहले पतला करना बेहतर है और लंबे समय तक रखे हुए या बदबू वाले मांड का उपयोग नहीं करना चाहिए।
सबसे जरूरी बात यह है कि चावल का मांड जल्दी खराब हो सकता है। इसलिए खाने में इस्तेमाल करना हो तो इसे ताजा रखना चाहिए। लंबे समय तक कमरे के तापमान पर रखे मांड का सेवन करने से बचें।
इस तरह चावल पकाने के बाद बचने वाला मांड बेकार पानी नहीं है। आटा गूंथने से लेकर ग्रेवी और सूप की बनावट सुधारने तक इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। अगली बार चावल बनाते समय मांड फेंकने से पहले इन आसान घरेलू
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