मच्छरों से बचने के लिए आप भी इस्तेमाल कर रहे क्रीम या ऑयल?
बरसात के मौसम में मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है. मच्छरों के काटने से मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियां फैल जाती हैं.

बरसात के मौसम में मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है. मच्छरों के काटने से मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियां फैल जाती हैं. इससे बचने के लिए लोग मॉस्किटो रेपेलेंट क्रीम या ऑयल का इस्तेमाल करते हैं. आमतौर पर यह क्रीम और ऑयल हाथ और पैरों की स्किन पर लगाया जाता है. कुछ लोग गर्दन और शरीर के अन्य हिस्सों पर भी इसे लगा लेते हैं. स्किन पर मॉस्किटो रेपेलेंट क्रीम लगाने से कई तरह की परेशानियां भी हो सकती हैं. डर्मेटोलॉजिस्ट से जानेंगे कि किन लोगों को इस तरह की क्रीम या ऑयल नहीं लगाना चाहिए. साथ ही इसका इस्तेमाल सुरक्षित तरीके से कैसे किया जाए.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज (कानपुर) के असिस्टेंट प्रोफेसर और डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. युगल राजपूत के मुताबिक मॉस्किटो रेपेलेंट क्रीम और ऑयल में कुछ केमिकल्स यूज किए जाते हैं. इन केमिकल्स की वजह से ही मच्छर नहीं काटते. कुछ लोगों के लिए इन चीजों का इस्तेमाल नुकसानदायक नहीं होता, लेकिन सेंसेटिव स्किन वाले लोगों को इसके साइड इफेक्ट का शिकार होना पड़ सकता है. इन केमिकल्स की वजह से सेंसेटिव स्किन पर एलर्जी और एक्जिमा जैसी परेशानी हो सकती है. मॉस्किटो रेपेलेंट क्रीम या ऑयल लगाने के बाद स्किन पर खुजली, रेडनेस और सूजन हो रही है तो आपको उसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर देना चाहिए. इन परेशानियों को दरकिनार कर अगर आप क्रीम और ऑयल यूज करते रहेंगे तो स्किन पर फफोले हो सकते हैं.
बच्चों और बुजुर्गों के लिए एक्सपर्ट की सलाह
डॉ. युगल राजपूत कहते हैं कि बच्चों की स्किन काफी सॉफ्ट व सेंसिटिव होती है और उस पर मॉस्किटो रेपेलेंट नहीं लगाने चाहिए. इसके अलावा बुजुर्गों की स्किन भी ड्राई होती है और इस वजह से उन्हें भी इसके इस्तेमाल से बचना चाहिए. अब सवाल उठता है कि इन लोगों को मच्छरों से कैसे बचाया जाए. इस पर डर्मेटोलॉजिस्ट का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों को स्किन के बजाय मॉस्किटो रेपेलेंट कपड़ों पर लगाने चाहिए. फुल कपड़े पहनें और उस पर जगह जगह पर इसे लगाया जा सकता है. बच्चों के मामले में पैरेंट्स को इस बात पर ध्यान देने की जरूरत होती है. सेंसिटिव स्किन वाले सभी उम्र के लोगों को इन जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए. अगर परेशानी ज्यादा बढ़े तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.