लाइफ स्टाइल : गुड़हल एक ऐसा खूबसूरत पौधा है, जिसकी रंग-बिरंगी पंखुड़ियां हर किसी का मन मोह लेती हैं। लाल, पीले, गुलाबी और सफेद रंग के फूलों से सजा गुड़हल का पौधा घर, बालकनी और बगीचे की सुंदरता बढ़ा देता है। हालांकि, कई बार अच्छी देखभाल करने के बावजूद पौधे में फूल आना बंद हो जाते हैं। इतना ही नहीं, कई बार कलियां बनने के बाद खिलने से पहले ही गिरने लगती हैं। ऐसी स्थिति में लोग महंगी खाद और तरह-तरह के उत्पाद खरीदने लगते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ आसान घरेलू उपायों और सही देखभाल की मदद से भी गुड़हल के पौधे को स्वस्थ रखा जा सकता है?
अगर आपके घर में भी गुड़हल का पौधा है और उसमें फूल नहीं आ रहे हैं, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। सबसे पहले पौधे की मिट्टी, धूप, पानी और पोषक तत्वों पर ध्यान दें। सही मात्रा में पोषण और अनुकूल वातावरण मिलने पर पौधे की बढ़वार बेहतर हो सकती है और उसमें फूल आने की संभावना भी बढ़ जाती है।
गुड़हल में फूल नहीं आने की क्या है वजह?
गुड़हल के पौधे में फूल न आने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। सबसे आम वजहों में पर्याप्त धूप न मिलना, मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी, जरूरत से ज्यादा पानी देना और पौधे की समय पर छंटाई न करना शामिल है। गुड़हल को अच्छी बढ़वार और फूलों के लिए सामान्य तौर पर रोजाना करीब 5 से 6 घंटे की सीधी धूप की जरूरत होती है।
अगर पौधे को लगातार छाया में रखा जाता है, तो उसकी पत्तियां तो बढ़ सकती हैं, लेकिन फूल कम आ सकते हैं। वहीं, मिट्टी में पानी जमा रहने से जड़ें खराब होने का खतरा रहता है। इसके अलावा, नाइट्रोजन की अधिकता से पत्तियां तो खूब बढ़ती हैं, लेकिन फूलों की संख्या प्रभावित हो सकती है। इसलिए पौधे की जरूरत समझकर ही खाद और पानी देना जरूरी है।
घर पर तैयार करें सस्ती जैविक खाद
गुड़हल के पौधे को पोषण देने के लिए घर पर उपलब्ध जैविक सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है। अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद या तैयार कंपोस्ट मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने और पौधे को पोषक तत्व देने में मदद कर सकती है।
इसके लिए सबसे पहले पौधे की मिट्टी की ऊपरी सतह को हल्के हाथों से ढीला करें। ध्यान रखें कि ऐसा करते समय पौधे की जड़ों को नुकसान न पहुंचे। इसके बाद गमले के आकार के अनुसार थोड़ी मात्रा में तैयार कंपोस्ट या अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद मिट्टी में मिला दें। खाद डालने के बाद हल्का पानी दें।
ध्यान रखें कि कच्चा गोबर सीधे गमले में न डालें। इससे जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है। इसी तरह खाद का इस्तेमाल जरूरत से ज्यादा करने से भी बचना चाहिए। पौधे को नियमित अंतराल पर संतुलित मात्रा में पोषण देना अधिक उपयोगी होता है।
एक चम्मच पाउडर से घोल बनाने से पहले जानें ये बात
गुड़हल के पौधे में फूल बढ़ाने के लिए कई लोग रसोई में मौजूद चीजों और घरेलू पाउडर का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन किसी भी पाउडर को बिना उसकी पहचान और सही मात्रा जाने पौधे में डालना ठीक नहीं है। हर पदार्थ पौधे के लिए उपयोगी नहीं होता और गलत मात्रा मिट्टी के संतुलन को बिगाड़ सकती है।
अगर आप घर पर खाद का घोल तैयार करना चाहते हैं, तो पहले यह सुनिश्चित करें कि इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री पौधों के लिए सुरक्षित है। तैयार कंपोस्ट या पौधों के लिए निर्धारित जैविक खाद का उपयोग करना एक बेहतर विकल्प हो सकता है। खाद के पैकेट पर दिए गए निर्देशों का पालन करें और एक साथ कई तरह की खाद मिलाकर इस्तेमाल करने से बचें।
कलियां गिरने से रोकने के लिए अपनाएं ये तरीके
गुड़हल में कलियां आने के बाद उनका गिरना भी एक आम समस्या है। इसके पीछे पानी की अनियमितता, बहुत ज्यादा गर्मी, पोषक तत्वों का असंतुलन या कीटों का हमला हो सकता है। इससे बचने के लिए पौधे की देखभाल में कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें।
1. पानी सही मात्रा में दें: गुड़हल की मिट्टी को पूरी तरह सूखने न दें, लेकिन उसमें लगातार पानी जमा भी न रहने दें। पानी देने से पहले मिट्टी की ऊपरी सतह जांच लें।
2. पर्याप्त धूप दें: पौधे को ऐसी जगह रखें, जहां उसे अच्छी धूप मिल सके। तेज गर्मी के दौरान अगर पत्तियां मुरझाने लगें, तो दोपहर की अत्यधिक गर्मी से कुछ सुरक्षा दें।
3. जल निकासी का ध्यान रखें: गमले में नीचे की तरफ छेद होना जरूरी है, ताकि अतिरिक्त पानी बाहर निकल सके। खराब जल निकासी से जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है।
4. सूखी टहनियों की छंटाई करें: पौधे की सूखी और कमजोर टहनियों को साफ करें। इससे पौधे को व्यवस्थित रखने में मदद मिलती है। हालांकि, बार-बार या बहुत ज्यादा छंटाई करने से बचें।
5. कीटों की जांच करें: पत्तियों के नीचे छोटे कीट, चिपचिपापन या पत्तियों का मुड़ना दिखाई दे, तो पौधे की अच्छी तरह जांच करें। समस्या के अनुसार उचित उपचार करें।
कितने दिनों में आने लगेंगे फूल?
गुड़हल के पौधे में फूल आने का समय उसकी किस्म, मौसम, उम्र और मौजूदा स्थिति पर निर्भर करता है। यदि पौधा स्वस्थ है और उसे पर्याप्त धूप, सही मात्रा में पानी तथा संतुलित पोषण मिल रहा है, तो धीरे-धीरे उसमें नई कलियां बन सकती हैं। हालांकि, केवल खाद डालने से तुरंत फूल आने की गारंटी नहीं होती।
पौधे की देखभाल करते समय जल्दबाजी न करें। मिट्टी में नमी बनाए रखें, जरूरत के मुताबिक खाद दें और पौधे की पत्तियों व टहनियों पर नजर रखें। यदि लंबे समय तक फूल नहीं आते या पत्तियां लगातार पीली पड़ती हैं, तो जड़ों, मिट्टी और कीटों की समस्या की जांच करना जरूरी है।
कुल मिलाकर, गुड़हल के पौधे को फूलों से भरने के लिए महंगी खाद खरीदना हमेशा जरूरी नहीं है। अच्छी गुणवत्ता वाली जैविक खाद, पर्याप्त धूप, संतुलित पानी और नियमित देखभाल से पौधे की सेहत बेहतर बनाई जा सकती है। छोटी-छोटी गलतियों को सुधारकर आप अपने घर के गुड़हल को हरा-भरा रखने और उसमें सुंदर फूल खिलाने में मदद कर सकते हैं।