लाइफ स्टाइल : करी पत्ते का इस्तेमाल भारतीय रसोई में खूब किया जाता है। दाल में तड़का लगाना हो, पोहा बनाना हो या सांभर का स्वाद बढ़ाना हो, करी पत्ते के बिना कई व्यंजन अधूरे लगते हैं। यही वजह है कि बहुत से लोग अपने घर की बालकनी, छत या गार्डन में करी पत्ते का पौधा लगाना पसंद करते हैं। लेकिन सर्दियों का मौसम आते ही इस पौधे की देखभाल करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। ठंडी हवाओं और गिरते तापमान के कारण करी पत्ते की पत्तियां पीली होकर झड़ने लगती हैं। कई बार पौधा पूरी तरह सूखा हुआ दिखाई देने लगता है।
अगर आपके घर में भी करी पत्ते का पौधा लगा है और वह सर्दियों में मुरझाने लगा है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। कुछ आसान घरेलू उपायों और सही देखभाल से आप इसे खराब होने से बचा सकते हैं। करी पत्ते का पौधा गर्म और धूप वाली जलवायु में अच्छी तरह बढ़ता है। ऐसे में ठंड के दिनों में इसे थोड़ी अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है।
1. ठंडी हवाओं से पौधे को बचाकर रखें
सर्दियों में करी पत्ते के पौधे की पत्तियां गिरने का एक बड़ा कारण कम तापमान और ठंडी हवाएं हो सकती हैं। खासकर रात के समय तापमान गिरने से पौधे की नई पत्तियों और कोमल शाखाओं को नुकसान पहुंच सकता है।
ऐसे में सबसे पहले पौधे को ऐसी जगह रखें, जहां उसे सीधी ठंडी हवा न लगे। अगर आपका पौधा गमले में लगा है तो रात के समय उसे बालकनी के खुले हिस्से से हटाकर किसी सुरक्षित स्थान पर रख सकते हैं। कोशिश करें कि पौधा ऐसी जगह रहे, जहां पर्याप्त रोशनी आती हो।
अगर पौधा जमीन में लगा है तो उसके आसपास सूखी पत्तियों या जैविक मल्च की परत बिछा सकते हैं। इससे मिट्टी के तापमान को स्थिर रखने में मदद मिलती है। बहुत अधिक ठंड या पाला पड़ने की संभावना हो तो पौधे को गार्डनिंग कवर से ढकना भी फायदेमंद हो सकता है।
2. सर्दियों में जरूरत के अनुसार ही दें पानी
गर्मियों में करी पत्ते के पौधे को नियमित पानी की जरूरत होती है, लेकिन सर्दियों में इसकी पानी की आवश्यकता कम हो जाती है। ठंड के मौसम में मिट्टी जल्दी नहीं सूखती। ऐसे में रोजाना पानी डालने से गमले में नमी जरूरत से ज्यादा हो सकती है।
मिट्टी में लगातार पानी जमा रहने से जड़ों में सड़न की समस्या पैदा हो सकती है। इसका असर पौधे की पत्तियों पर दिखाई देता है और वे पीली होकर गिरने लगती हैं।
इससे बचने के लिए पानी देने से पहले गमले की ऊपरी मिट्टी को उंगली से जांच लें। अगर मिट्टी की ऊपरी एक-दो इंच परत सूखी महसूस हो, तभी पानी दें। ध्यान रखें कि गमले के नीचे पानी निकलने के लिए पर्याप्त छेद जरूर हों। सुबह के समय पानी देना बेहतर रहता है, ताकि पौधे के आसपास अतिरिक्त नमी लंबे समय तक जमा न रहे।
3. पौधे को रोजाना पर्याप्त धूप दिखाएं
करी पत्ते के पौधे को अच्छी ग्रोथ के लिए पर्याप्त धूप की जरूरत होती है। सर्दियों में धूप कम निकलने के कारण पौधे की बढ़त धीमी हो सकती है और पत्तियां गिरने लगती हैं।
इसलिए कोशिश करें कि पौधे को रोजाना लगभग 4 से 6 घंटे धूप मिले। गमले में लगे पौधे को ऐसी जगह रखें, जहां सुबह की हल्की धूप सीधे पहुंचती हो। सुबह की धूप पौधे के लिए विशेष रूप से उपयोगी होती है।
हालांकि, ठंडी हवा से बचाने के चक्कर में पौधे को पूरी तरह अंधेरे कमरे में न रखें। पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी मिलने से पौधे को स्वस्थ बनाए रखने में मदद मिलती है।
4. मिट्टी में डालें वर्मी कम्पोस्ट और पुरानी गोबर की खाद
करी पत्ते के पौधे को स्वस्थ रखने के लिए अच्छी मिट्टी और पोषक तत्व भी जरूरी हैं। सर्दियों में इसकी बढ़त धीमी हो जाती है, इसलिए इस मौसम में बहुत ज्यादा खाद डालने की जरूरत नहीं होती।
आप गमले की मिट्टी में थोड़ी मात्रा में अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद या वर्मी कम्पोस्ट मिला सकते हैं। इससे मिट्टी की गुणवत्ता और पोषक तत्वों की उपलब्धता बेहतर होती है।
ध्यान रखें कि कच्ची गोबर की खाद का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। इससे पौधे की जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है। सर्दियों में जरूरत से ज्यादा खाद डालने से भी बचें। पौधे की नियमित बढ़त शुरू होने पर यानी मौसम गर्म होने के साथ खाद देने की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाई जा सकती है।
5. सूखी और खराब पत्तियों को हटाते रहें
सर्दियों में करी पत्ते की कुछ पुरानी पत्तियों का झड़ना सामान्य बात हो सकती है। ऐसे में घबराकर पूरे पौधे की शाखाओं को काटने की जरूरत नहीं है।
पौधे से पूरी तरह सूखी, पीली और खराब पत्तियों को समय-समय पर हटा दें। इससे पौधे की साफ-सफाई बनी रहती है और कीट या फंगल संक्रमण के खतरे को कम करने में मदद मिलती है।
अगर किसी शाखा का ऊपरी हिस्सा सूख गया है तो उसे तुरंत बहुत ज्यादा काटने के बजाय पहले पौधे की स्थिति देखें। नई बढ़त शुरू होने पर सूखी शाखाओं की हल्की छंटाई की जा सकती है। छंटाई के लिए साफ और तेज धार वाली कैंची का इस्तेमाल करें।
करी पत्ते का पौधा सूख जाए तो कैसे करें पहचान?
कई बार सर्दियों में करी पत्ते का पौधा पूरी तरह सूखा हुआ दिखाई देता है, लेकिन उसकी जड़ें और मुख्य तना जीवित रहते हैं। इसकी जांच करने के लिए तने की बाहरी छाल को नाखून से हल्का खुरचकर देखें। अगर अंदर का हिस्सा हरा दिखाई देता है, तो पौधे के जीवित होने की संभावना है।
ऐसी स्थिति में पौधे को धूप वाली सुरक्षित जगह पर रखें, जरूरत के अनुसार पानी दें और कुछ समय तक उसकी देखभाल करें। अगर तना अंदर से भूरा और पूरी तरह सूखा दिखाई देता है तथा जड़ें भी सड़ चुकी हैं, तो पौधे को बचाना मुश्किल हो सकता है।
इन गलतियों से बचें
सर्दियों में करी पत्ते के पौधे की देखभाल करते समय कुछ गलतियों से बचना जरूरी है। गमले में जरूरत से ज्यादा पानी न डालें, पौधे को लगातार ठंडी हवा में न रखें और अचानक बहुत अधिक खाद न दें। इसके अलावा पौधे को बार-बार एक जगह से दूसरी जगह रखने से भी बचें।
कुल मिलाकर, करी पत्ते का पौधा सर्दियों में पत्तियां गिरा दे तो इसका मतलब यह नहीं है कि वह पूरी तरह खराब हो गया है। सही धूप, सीमित पानी, अच्छी मिट्टी और ठंड से सुरक्षा देकर इसे फिर से हरा-भरा बनाया जा सकता है। थोड़ी सी नियमित देखभाल से आपका करी पत्ते का पौधा अगले मौसम में दोबारा नई पत्तियों से भर सकता है।