करौंदा: कम देखभाल में पनपने वाला पौधा, स्वाद के साथ सेहत के लिए भी उपयोगी
नई दिल्ली: करौंदा (कैरिसा कैरंडास) एक छोटा, कांटेदार और बहुत ही उपयोगी पौधा है। यह स्वाद में खट्टा होने के साथ ही सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। बिहार सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने भी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर इसकी खूबियों के बारे में जानकारी साझा की है।
करौंदे का पौधा आमतौर पर करीब 8 से 12 फीट तक ऊंचा हो सकता है। इसकी सबसे खास पहचान इसकी मजबूत कांटेदार शाखाएं हैं। पौधे की पत्तियां छोटी, मोटी और एक-दूसरे के विपरीत दिशा में लगी होती हैं। इसे खेतों, बगीचों और घरों के आसपास सुरक्षा के लिहाज से भी लगाया जाता है।
करौंदे में छोटे और सुगंधित सफेद फूल खिलते हैं, जो देखने में काफी सुंदर लगते हैं। इसमें फूलों के बाद छोटे फल लगते हैं। शुरुआत में ये फल हरे रंग के होते हैं, लेकिन पकने के साथ इनका रंग लाल से लेकर बैंगनी-काला तक हो जाता है। पकने के बाद करौंदे का इस्तेमाल कई तरह से किया जाता है।
करौंदा भारतीय रसोई में भी अपनी अलग जगह रखता है। इसके फलों से स्वादिष्ट अचार, जैम और जेली बनाई जाती है। कई जगहों पर इसे सब्जियों और अलग-अलग पारंपरिक व्यंजनों में भी इस्तेमाल किया जाता है। इसका खट्टा और हल्का कसैला स्वाद खाने का जायका बढ़ा देता है। इसे कुछ लोग पकने पर ताजा भी खाते हैं।
वहीं, पोषण की बात करें तो करौंदे के फलों में आयरन और विटामिन-सी काफी अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। इसलिए इसे अपनी डाइट का हिस्सा बनाना फायदेमंद हो सकता है। आप इसे अचार, सब्जी, चटनी या किसी भी अन्य तरीके से अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।
करौंदे की एक और खासियत यह है कि इसे ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं पड़ती और यह आसानी से पनप सकता है। इसकी कांटेदार संरचना इसे प्राकृतिक बाड़ के लिए उपयोगी बनाती है।