Haridwar हरिद्वार : अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के योगा डे काउंटडाउन कार्यक्रम के तहत भारत सरकार के आयुष मंत्रालय और देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में ‘गंगोत्री से गंगासागर’ थीम पर विशेष योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के क्रिकेट ग्राउंड में संपन्न हुआ।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य योग के माध्यम से लोगों में स्वस्थ, संतुलित और जागरूक जीवनशैली को बढ़ावा देना और समाज में योग के व्यापक प्रचार-प्रसार को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक और अन्य प्रतिभागी शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या ने वीडियो संदेश के माध्यम से कहा कि योग भारतीय ज्ञान परंपरा की सबसे समृद्ध विरासतों में से एक है, जिसे संरक्षित और आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने योग को मन, शरीर और आत्मा के समन्वय की एक संपूर्ण जीवन पद्धति बताया।
विश्वविद्यालय के योग विशेषज्ञों ने अपने संबोधन में कहा कि योग व्यक्ति, समाज और प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने ‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य’ की अवधारणा को योग के माध्यम से साकार करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने कॉमन योग प्रोटोकॉल के अंतर्गत सामूहिक योगाभ्यास किया। इसमें विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास शामिल रहा। इस दौरान उपस्थित लोगों ने मानसिक शांति और शारीरिक ताजगी का अनुभव किया।
इस अवसर पर शांतिकुंज व्यवस्थापक योगेंद्र गिरि, विश्वविद्यालय के कुलसचिव बलदाऊ देवांगन, डॉ. सुरेश वर्णवाल, डॉ. कामता साहू सहित अनेक अधिकारी, शिक्षक और छात्र मौजूद रहे।
आयोजकों ने बताया कि योगा डे काउंटडाउन के तहत गंगोत्री, ऋषिकेश और हरिद्वार में लगातार कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोगों को योग से जोड़ा जा सके और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 को सफल बनाया जा सके।