एंटरटेनमेंट । नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ अपने बड़े बजट को लेकर लगातार चर्चा में बनी हुई है। फिल्म के करीब 4000 करोड़ रुपये के कथित बजट को लेकर कई तरह की बातें सामने आ रही थीं। अब फिल्म के एक्टर और को-प्रोड्यूसर यश ने इस बजट को लेकर स्थिति साफ की है।

यश ने बताया कि 4000 करोड़ रुपये का आंकड़ा केवल फिल्म के पहले भाग की लागत नहीं है। इसमें महाकाव्य पर आधारित इस दो-भाग वाली फिल्म के दोनों हिस्सों का प्रोडक्शन खर्च और इसकी ग्लोबल रिलीज व प्रमोशन से जुड़ा बजट भी शामिल है।

4000 करोड़ के बजट को लेकर बनी थी चर्चा

नितेश तिवारी की ‘रामायण’ भारतीय सिनेमा की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल हो गई है। फिल्म के विशाल बजट की खबर सामने आने के बाद इंडस्ट्री में इसकी काफी चर्चा शुरू हो गई थी।

फिल्म के प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ने पहले इस प्रोजेक्ट का बजट करीब 500 मिलियन डॉलर बताया था, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 4000 करोड़ रुपये के आसपास बैठता है।

इतने बड़े बजट के कारण यह सवाल भी उठने लगा था कि क्या फिल्म बॉक्स ऑफिस पर इतनी बड़ी लागत को वापस निकाल पाएगी।

यश ने बताई बजट की पूरी तस्वीर

यश ने ‘आप की अदालत’ में बातचीत के दौरान फिल्म के बजट को लेकर कई अहम बातें बताईं।

उन्होंने कहा कि 4000 करोड़ रुपये के आंकड़े को अक्सर गलत तरीके से समझा गया है। यह सिर्फ एक फिल्म के एक भाग की लागत नहीं है, बल्कि पूरे प्रोजेक्ट का खर्च है।

यश के मुताबिक, ‘रामायण’ दो हिस्सों में रिलीज होगी और दोनों फिल्मों के निर्माण के साथ-साथ दुनिया भर में इसे पहुंचाने की तैयारी पर भी बड़ा निवेश किया जा रहा है।

दोनों भागों पर होगा खर्च

‘रामायण’ को दो भागों में बनाया जा रहा है। फिल्म की कहानी भारतीय महाकाव्य रामायण पर आधारित है, जिसे बड़े स्तर पर दर्शकों तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है।

यश ने बताया कि इस तरह के बड़े प्रोजेक्ट में सिर्फ शूटिंग का खर्च शामिल नहीं होता, बल्कि विजुअल इफेक्ट्स, तकनीकी काम, कलाकारों की तैयारी, पोस्ट प्रोडक्शन और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रिलीज की रणनीति पर भी काफी खर्च होता है।

ग्लोबल रिलीज पर भी ध्यान

यश ने कहा कि फिल्म को सिर्फ भारतीय दर्शकों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रिलीज करने की योजना है।

इसके लिए दुनिया भर में प्रमोशन, मार्केटिंग और वितरण व्यवस्था पर भी खर्च किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि भारतीय सिनेमा अब वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है और ‘रामायण’ जैसे प्रोजेक्ट को उसी स्तर पर तैयार किया जा रहा है।

बड़े स्तर पर बनाई जा रही है फिल्म

‘रामायण’ को लेकर शुरुआत से ही कहा जा रहा है कि इसे भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में शामिल करने की तैयारी है।

फिल्म में बड़े कलाकारों को जोड़ा गया है और इसके निर्माण में आधुनिक तकनीक और बड़े पैमाने पर सेट्स का इस्तेमाल किया जा रहा है।

निर्माताओं का लक्ष्य है कि भारतीय पौराणिक कथा को विश्व स्तर पर पेश किया जाए।

बॉक्स ऑफिस को लेकर उठे सवाल

इतने बड़े बजट की वजह से फिल्म की कमाई को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई थी।

फिल्म इंडस्ट्री में यह सवाल उठाया गया कि 4000 करोड़ रुपये के निवेश को वापस हासिल करने के लिए फिल्म को कितना बड़ा कारोबार करना होगा।

हालांकि, यश का कहना है कि फिल्म का मूल्यांकन केवल एक रिलीज के नजरिए से नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि यह एक बड़े स्तर की वैश्विक परियोजना है।

भारतीय सिनेमा के लिए बड़ा कदम

यश ने कहा कि ऐसे प्रोजेक्ट भारतीय सिनेमा को नई दिशा दे सकते हैं।

उन्होंने बताया कि आज भारतीय फिल्में दुनिया भर में देखी जा रही हैं और बड़े स्तर पर बनाई जा रही फिल्मों से इंडस्ट्री को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल रही है।

दर्शकों को फिल्म का इंतजार

‘रामायण’ को लेकर दर्शकों में पहले से ही काफी उत्साह है। फिल्म की कहानी, कलाकारों और भव्य प्रस्तुति को लेकर लगातार चर्चा हो रही है।

4000 करोड़ रुपये के बजट को लेकर अब यश के स्पष्टीकरण के बाद यह साफ हो गया है कि यह राशि पूरे प्रोजेक्ट और उसकी ग्लोबल पहुंच को ध्यान में रखकर तय की गई है।

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