अमिताभ बच्चन के गाने को किशोर दा ने क्यों कहा था 'नहीं गाऊंगा'

Update: 2026-07-16 14:49 GMT

मनोरंजन: हिंदी सिनेमा के महान गायकों में शामिल किशोर कुमार अपनी शानदार आवाज के साथ-साथ अपने अलग अंदाज और बेबाक स्वभाव के लिए भी जाने जाते थे। उनकी गायकी जितनी लोकप्रिय थी, उतनी ही चर्चा उनकी मजेदार आदतों और किस्सों की भी होती थी। किशोर दा कभी अपने अनोखे पहनावे तो कभी रिकॉर्डिंग स्टूडियो में अपने अलग अंदाज की वजह से सुर्खियों में रहते थे। ऐसा ही एक दिलचस्प किस्सा अमिताभ बच्चन की सुपरहिट फिल्म 'डॉन' के एक गाने से जुड़ा है।

बताया जाता है कि फिल्म 'डॉन' के एक गाने की रिकॉर्डिंग के दौरान किशोर कुमार ने एक शब्द को लेकर आपत्ति जता दी थी। गाने में इस्तेमाल किए गए एक शब्द के उच्चारण को लेकर उनका कहना था कि वह इसे उस अंदाज में नहीं गा सकते। दरअसल, वह शब्द उत्तर प्रदेश के स्थानीय लहजे से जुड़ा हुआ था और किशोर दा को लगा कि उसका सही भाव और उच्चारण बनाए रखना जरूरी है।

किशोर कुमार अपने काम को लेकर बेहद सजग रहते थे। भले ही वह अपने मजाकिया व्यवहार और मस्ती भरे अंदाज के लिए मशहूर थे, लेकिन जब बात गायकी की आती थी तो वह किसी भी तरह का समझौता नहीं करते थे। वह गाने के बोल, भाव और उच्चारण को लेकर काफी ध्यान देते थे। यही वजह थी कि उन्होंने रिकॉर्डिंग के दौरान अपनी बात खुलकर रखी।

फिल्म 'डॉन' साल 1978 में रिलीज हुई थी और इसमें अमिताभ बच्चन ने मुख्य भूमिका निभाई थी। फिल्म के गाने आज भी लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। किशोर कुमार की आवाज ने अमिताभ बच्चन के पर्दे के व्यक्तित्व को एक अलग पहचान दी। दोनों की जोड़ी ने हिंदी सिनेमा में कई यादगार गाने दिए हैं।

किशोर कुमार की खासियत थी कि वह सिर्फ आवाज से नहीं, बल्कि गाने के भाव को समझकर उसे पेश करते थे। वह मानते थे कि किसी भी गाने में शब्दों का सही उच्चारण और भाव बहुत जरूरी होता है। इसी सोच के कारण उन्होंने कई बार रिकॉर्डिंग के दौरान अपनी राय रखी और जरूरत पड़ने पर बदलाव की मांग भी की।

किशोर दा के व्यक्तित्व से जुड़े कई ऐसे किस्से आज भी फिल्म इंडस्ट्री में मशहूर हैं। एक बार वह रिकॉर्डिंग के लिए बेहद अनोखे अंदाज में पहुंचे थे। बताया जाता है कि वह चप्पल के ऊपर मोजे पहनकर स्टूडियो पहुंचे थे। इतना ही नहीं, उन्होंने अलग-अलग चप्पल पहन रखी थीं, जिसमें एक उनकी और एक उनकी पत्नी की थी। उनका पहनावा भी काफी अलग था, उन्होंने चाइना सिल्क की लुंगी और कुर्ता पहना हुआ था।

उनकी ऐसी हरकतें लोगों को हैरान जरूर करती थीं, लेकिन यही उनका अंदाज था। किशोर कुमार अपनी जिंदगी को अपने तरीके से जीने वाले इंसान थे। वह किसी दिखावे में विश्वास नहीं रखते थे और अपने मन की बात खुलकर कहते थे।

गायकी की दुनिया में किशोर कुमार का योगदान बेहद खास रहा है। उन्होंने रोमांटिक, दर्द भरे, मस्ती भरे और भावनात्मक हर तरह के गीतों को अपनी आवाज दी। उनकी आवाज में ऐसी विविधता थी कि हर दौर के श्रोता उनसे जुड़ाव महसूस करते हैं।

अमिताभ बच्चन की फिल्मों के लिए किशोर कुमार की आवाज ने कई किरदारों को यादगार बना दिया। यही कारण है कि आज भी जब उनके गाने बजते हैं तो लोग उनकी आवाज के जादू में खो जाते हैं। गाने के एक शब्द को लेकर उनकी आपत्ति का यह किस्सा बताता है कि किशोर दा अपने काम और कला के प्रति कितने गंभीर थे।

किशोर कुमार भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी आवाज और उनसे जुड़े किस्से आज भी संगीत प्रेमियों के बीच जिंदा हैं। उनका अलग अंदाज, बेबाक व्यक्तित्व और शानदार गायकी उन्हें हमेशा हिंदी सिनेमा के सबसे खास कलाकारों में बनाए रखेगी।

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