चेन्नई: तमिल फ़िल्मों के सुपरस्टार रजनीकांत ने तमिलनाडु की एथलीट विथ्या रामराज से मुलाक़ात की और जापान के नागोया में हाल ही में हुए एशियाई खेलों में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें बधाई दी जानकारी के लिए बता दें कि इस स्टार एथलीट ने जापान के नागोया में हुए एशियाई खेलों में तीन मेडल - एक गोल्ड, एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज़ - जीतकर देश का नाम रोशन किया था।
सूत्रों के मुताबिक, इस मुलाक़ात के दौरान विथ्या रामराज के कोच नेहपाल सिंह और चेन्नई डिस्ट्रिक्ट मास्टर्स एथलेटिक एसोसिएशन के प्रेसिडेंट एम. शेनबागामूर्ति भी मौजूद थे।
उन्होंने बताया कि सुपरस्टार रजनीकांत ने विथ्या रामराज को उनकी शानदार उपलब्धि और देश का नाम रोशन करने के लिए बधाई दी।
याद दिला दें कि इससे एक दिन पहले ही एक्टर धनुष ने भी इस बेहतरीन एथलीट से मुलाक़ात की थी और एशियाई खेलों में एथलेटिक्स में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें बधाई दी थी।
जानकारी के लिए बता दें कि विथ्या रामराज ने एशियाई खेलों में सिर्फ़ तीन मेडल ही नहीं जीते। एक मेडल जीतने के दौरान उन्होंने महान भारतीय एथलीट पी.टी. उषा का 42 साल पुराना नेशनल रिकॉर्ड भी तोड़ा। उन्होंने महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ (हर्डल्स) में यह रिकॉर्ड तोड़ा, जिसमें विथ्या ने ब्रॉन्ज़ मेडल जीता था।
विथ्या ने रोमांचक फ़ाइनल में 54.75 सेकंड का अपना अब तक का सबसे अच्छा समय (पर्सनल बेस्ट) निकाला और तीसरा स्थान हासिल किया। उन्होंने 55.42 सेकंड के पिछले नेशनल रिकॉर्ड में 0.67 सेकंड का सुधार किया। यह रिकॉर्ड उषा ने 1984 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक में बनाया था, जहाँ वह ओलंपिक फ़ाइनल में चौथे स्थान पर रही थीं।
विथ्या के शानदार प्रदर्शन ने उन्हें एक ऐसा रिकॉर्ड तोड़ने में मदद की जो भारतीय एथलेटिक्स में सबसे लंबे समय तक कायम रहने वाले रिकॉर्ड्स में से एक था।
महिलाओं की 4x400 मीटर रिले में भारत को गोल्ड मेडल दिलाने में उनकी कोशिशों के लिए भी इस एथलीट की काफ़ी तारीफ़ हुई। किरण पहल, एम.आर. पूवम्मा, प्राची और विथ्या की भारतीय चौकड़ी ने कड़े मुकाबले वाले फ़ाइनल में अपना संयम बनाए रखा और बहरीन (जिसका समय 3:30.21 था) से आगे रहते हुए रेस पूरी की, जबकि चीन ने 3:31.02 के समय के साथ ब्रॉन्ज़ मेडल जीता।
यह गोल्ड मेडल विथ्या के लिए इन शानदार गेम्स का एक बेहतरीन समापन था; उन्होंने अपने अन्य इवेंट्स में सिल्वर और ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने के बाद इस प्रतियोगिता में अपना तीसरा मेडल हासिल किया।
रिले इवेंट में भारतीय टीम की एंकर (अंतिम धावक) रहीं विथ्या ने तेज़ी से अपनी लय पकड़ी और आगे चल रही टीमों के बीच के अंतर को कम करना शुरू किया; उन्होंने 200 मीटर के निशान के आसपास अपनी चाल तेज़ की। रेस के अंतिम चरण में उनकी ज़बरदस्त तेज़ी ने भारत को इस बहुप्रतीक्षित इवेंट में गोल्ड मेडल दिलाने में मदद की।