Vikram Bhatt ने अपना अनुभव ,साझा किया अनुभव, ‘हॉन्टेड 3डी’ से जुड़ा है मामला
बेहद मुश्किल परिस्थितियों और संघर्षों से भरा हुआ सफर भी होता है।
Vikram Bhatt :फिल्म इंडस्ट्री से एक चौंकाने वाला पुराना किस्सा फिर से चर्चा में आ गया है। मशहूर निर्देशक Vikram Bhatt ने अपनी फिल्म Haunted 3D के निर्माण से जुड़ा एक बेहद कठिन अनुभव साझा किया है। उन्होंने बताया कि फिल्म बनने के दौरान उन्हें लगभग 75 दिनों तक जेल में रहना पड़ा था, जिसके बाद फिल्म को पूरा करने की चुनौती उनके सामने खड़ी हो गई थी।
विक्रम भट्ट ने यह पूरा अनुभव हाल ही में सोशल मीडिया के जरिए अपने फैंस के साथ साझा किया। उनके अनुसार यह समय उनके जीवन का सबसे कठिन दौर था, जहां एक तरफ कानूनी परेशानियां थीं और दूसरी तरफ फिल्म का निर्माण अधर में लटक गया था। उन्होंने बताया कि जेल से बाहर आने के बाद सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि कैसे रुकी हुई शूटिंग को दोबारा शुरू किया जाए और फिल्म को समय पर पूरा किया जाए।
निर्देशक के मुताबिक उस समय हॉन्टेड 3डी एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट था, जिसे बड़े पैमाने पर बनाया जा रहा था। फिल्म में तकनीकी स्तर पर कई प्रयोग किए जा रहे थे और यह भारत की शुरुआती 3डी हॉरर फिल्मों में से एक मानी जाती है। ऐसे में शूटिंग का रुक जाना पूरी टीम के लिए बड़ा झटका था।
विक्रम भट्ट ने बताया कि जेल से निकलने के बाद उन्हें मानसिक और पेशेवर दोनों स्तर पर कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। प्रोडक्शन टीम, कलाकार और तकनीकी स्टाफ को फिर से एक साथ लाना आसान नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और फिल्म को पूरा करने के लिए लगातार प्रयास किए।
उन्होंने यह भी कहा कि उस कठिन समय ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया। एक फिल्म निर्माता के तौर पर उन्होंने यह समझा कि किसी भी प्रोजेक्ट में सिर्फ क्रिएटिविटी ही नहीं, बल्कि धैर्य और परिस्थितियों से लड़ने की क्षमता भी जरूरी होती है। उनके अनुसार यह अनुभव उनके करियर का एक ऐसा हिस्सा बन गया, जिसे वे कभी भूल नहीं सकते।
हॉन्टेड 3डी को बाद में रिलीज किया गया और यह फिल्म अपनी तकनीक और 3डी इफेक्ट्स के कारण चर्चा में रही। दर्शकों ने फिल्म को एक अलग तरह के हॉरर अनुभव के रूप में देखा। हालांकि इसके निर्माण से जुड़ा यह विवादित और कठिन दौर हमेशा इसके पीछे की कहानी का हिस्सा बना रहा।
सोशल मीडिया पर विक्रम भट्ट के इस खुलासे के बाद फैंस और फिल्म प्रेमियों के बीच चर्चा तेज हो गई है। कई लोग उनके इस संघर्ष को प्रेरणादायक मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे फिल्म इंडस्ट्री की कठिन वास्तविकताओं से जोड़कर देख रहे हैं।
कुल मिलाकर, हॉन्टेड 3डी के निर्माण से जुड़ा यह किस्सा यह दिखाता है कि फिल्म निर्माण सिर्फ ग्लैमर नहीं, बल्कि कई बार बेहद मुश्किल परिस्थितियों और संघर्षों से भरा हुआ सफर भी होता है।