मुंबई: लेखिका और एंटरप्रेन्योर ट्विंकल खन्ना ने अपनी ज़िंदगी के उस दौर के बारे में बात की है जब उन्हें लाइमलाइट से दूर रहना पसंद था। पूर्व एक्ट्रेस ने याद किया कि कैसे उन्हें 30 की उम्र में लाइमलाइट से दूर रहना अच्छा लगता था। इंस्टाग्राम पर ट्विंकल ने बताया कि कैसे सालों में उनका नज़रिया बदला है और उन्होंने लोगों की नज़रों से दूर रहने से लेकर सोशल इवेंट्स में शामिल होने और खुलकर मज़ा करने तक के अपने सफ़र की झलक दिखाई।
अपनी तस्वीरें शेयर करते हुए 'मेला' फ़िल्म की एक्ट्रेस ने लिखा, "पार्टी से पहले और फिर पार्टी के बीच में :) 30 की उम्र में, मुझे लाइमलाइट से दूर रहने में कोई परेशानी नहीं थी। मेरी बेस्ट फ्रेंड @anudewan5 ने मुझे छिपना बंद करने, मैगज़ीन कवर के लिए शूट करने और लोगों के बीच आने के लिए प्रेरित किया।"
"आजकल वह कभी-कभी मुझे देर रात तक बाहर रहने और खुलकर मज़ा करने के लिए मजबूर करती हैं, और सच कहूँ तो मुझे इसकी ज़रूरत भी है क्योंकि मैं साढ़े नौ बजे ही सो जाना चाहती हूँ। बेस्ट फ्रेंड्स आपको अपना बेस्ट वर्शन बनने, चमकने या मेरे मामले में 'ट्विंकल' (चमकने) के लिए प्रेरित करते हैं :) आपकी बेस्ट फ्रेंड ने आपसे क्या-क्या करवाया है?" तस्वीर में ट्विंकल खन्ना पार्टी में अपनी सहेलियों के साथ पोज़ देती हुई नज़र आ रही हैं।
'बरसात' फ़िल्म की एक्ट्रेस सोशल मीडिया पर काफ़ी एक्टिव रहती हैं और अपनी ज़िंदगी की झलकियाँ, साथ ही अपना खास मज़ाकिया अंदाज़ और ऑब्ज़र्वेशन शेयर करती रहती हैं।
कुछ दिन पहले, उन्होंने फ़ैशन और शरीर में होने वाले बदलावों पर एक मज़ेदार पोस्ट शेयर किया था, जिसमें उन्होंने लिखा, "मैंने 'पजामाज़ आर फ़ॉरगिविंग' (Pyjamas Are Forgiving) नाम की एक किताब लिखी थी, लेकिन पता चला कि साड़ी सच में 'फ़ॉरगिविंग' (माफ़ करने वाली) होती है। यह भूख, हालात, हार्मोन, उम्र और समय की वजह से होने वाली कमियों को अपना लेती है। वहीं दूसरी ओर, जींस तो सच में मन में कड़वाहट पालकर रखती है।"
प्रोफ़ेशनल लाइफ़ की बात करें तो, एक्टिंग छोड़ने के बाद ट्विंकल खन्ना ने एक सफल लेखिका के तौर पर अपनी पहचान बनाई। उन्होंने 2015 में नॉन-फ़िक्शन किताब 'मिसेज़ फ़नीबोन्स' (Mrs Funnybones) के साथ लिटरेरी दुनिया में कदम रखा, जिसके बाद 'द लीजेंड ऑफ़ लक्ष्मी प्रसाद' (The Legend of Lakshmi Prasad) नाम की शॉर्ट स्टोरीज़ की किताब आई।